मम्मी पापा वाले खेल खेल में चूत चुदाई

हेलो दोस्तों, मैं आपका दोस्त संजय जो आप के लिए एक अपनी जिंदगी से जुड़ी पहली चुदाई रासलीला ले कर आया हूं. मैं २८ साल का नौजवान लड़का हूं, दिल्ली शहर में रहता हूं और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की जॉब कर रहा हूं. मेरा रंग गोरा हे और मेरी हाइट ६ फुट है मेरा लंड ३ इंच मोटा और ७ इंच लंबा है. दोस्तों यह कहानी तब की है जब मैं नया नया जवान हुआ था और मुझे सिर्फ लंड की जवानी के होने का एहसास होता था. मुझे चूत और चूत को चोदने के बारे में कुछ नहीं पता था. फिर थोड़ी बातें नेट से पता चली और कुछ मेरे दोस्तों ने बताई, इसलिए मेरा मन किसी की चूत चोदने को करता रहता था, पर किसी की चूत न मिलने की वजह से मैं अकेले में जाकर मुठ मार लिया करता था.

एक दिन की बात है क्लास की एक लड़की की कॉपी मांगी. कोपी खोलते ही मैंने कुछ ऐसा देखा जिसे देखते ही मैं शोक हो गया और कॉपी फटाफट बंद कर दी. मैंने देखा की कॉपी में पेंसिल से एक ड्राइंग बना रखी है जिसमें एक लड़का खड़ा हुआ है और नीचे एक लड़की बैठी है जिसने लड़के के लंड को मुंह में भरा हुआ है. यह देख कर बहुत शौक हो गया और कॉपी बंद करके चुपचाप बैठा रहा. तभी मेरे दोस्त ने मुझे बाहर आने के लिए कहा और मैं कॉपी वही रख कर बाहर चला गया. पर मेरा मन उसी कोपी पर जा रहा था इसलिए मैं वापस आया और एक पल के लिए कॉपी खोलकर ड्राइंग देखा और देखते ही मेरा लंड पागल हो गया. उसे खड़ा देखा तो मैंने कॉपी बंद किया और भागकर वोशरुम चला गया.

वहा जा कर मैंने अपने लंड को हाथों में पकड़ा जिससे मुझे एहसास हुआ कि लंड को चूत की तड़प है इसलिए वह पागल हो जाता है. अब मैंने लंड की शांति के लिए लंड को हाथ में पकड़ कर मुठ मारी और फिर क्लास में आ गया. दो लेक्चर लगने के बाद छुट्टी हो गई और मैं घर आ गया, घर आकर मैं लंच कर के सो गया और शाम को जब मैं उठा तो मेरा ध्यान फिर से उसी ड्राइंग पर गया और मैं वही सब सोचने लगा. घर पर तब कोई नहीं था और मैं अकेला था. तभी घर की डोर बेल बजी और मैंने दरवाजा खोला तो मेरे सामने एक लड़की जो मेरे पड़ोस में रहती थी वह खड़ी थी.

उसका नाम मोना था और हम दोनों एक ही उम्र के थे, वह दिखने में गोरी थी और जिसको देख कर मैं थोड़ा पागल हो जाया करता था. तब मैंने उसे अंदर आने को कहा और वह अंदर आ कर मेरे से बातें करने लगी.

हमने एक दूसरे से वैसे ही कुछ बातें की

मेरे मन में था कि मैं अपने दिल की बात किसी ना किसी से जरूर शेयर करु. पर मेरे सामने उस टाइम सिर्फ मोना ही थी. मेरे मन में था कि यह बात उससे शेयर करूं पर डर भी लग रहा था कि यह बात अगर किसी को बता दी और उसने मुझे पिटवा दिया, तो मेरा क्या हाल होगा..

मोना मुझसे जिद करने लगी तो मैंने उसे अपनी कसम देते हुए कहा जो मैं तुम्हें बताने जा रहा हूं वह तुम किसी को नहीं बताओगी.

मोना ने कहा – ठीक है

तब मैंने उसके सामने डरते हुए कॉपी वाली बात बताइ जिसे सुनकर वो शरमा गई और मैं भी शरमा गया. फिर मैंने उसे कहा कि यह बात प्लीज तुम किसी से प्लीज़ शेयर मत करना.

मोना ने कहा – ठीक है पर तुम्हें एक बात मैं भी बताऊं??

मैंने कहा – हां बताओ.

मोना ने कहा – तुम्हें पता है मैं और मेरा कजिन ब्रदर अकेले में मम्मी पापा का खेल खेलते हैं..

मैं यह सुनकर शोक हो गया और फिर उसे पूछा इसका क्या मतलब हुआ?

तो उसने कहा मतलब हम स्टोर में जा कर सेक्स करते हैं.

मैं यह सुनकर शोक हो गया पर मैं मेरे मन में थी आस जाग उठी कि जो मैं चाहता हूं शायद वह पूरा हो जाए. फिर मैंने मोना की तरफ देखा जो मुझे अपनी तीखी नजरों से देख रही थी, जिससे मुझे लगा कि उसकी यह तीखी ही नजरें मुझे कुछ कहना चाहती है.

मैं समझ गया था कि उसकी नजरे क्या चाहती है? इसलिए मैंने मोना को अपनी ओर खींच कर बाहों में भर लिया और पूछा, मोना डार्लिंग.. क्या हम भी यह खेल खेलें??

मोना ने कहा – किसी को पता चल गया तो??

मैं समझ गया था कि वह भी यही चाहती है. पर मेरे आगे थोड़ा शरमा रही है इसलिए मैंने उसे बाहों में कसकर पकड़ लिया और उसके होंठों में होंठ डाल कर चूसते हुए बोला, अगर हम में ही यह बात रहेगी तो किसी और को कैसे पता चलेगा??

मोना ने कहा – ठीक है.

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