रोजी ने कहा मादरचोद और चाट साले तेरी मां की चूत

muslim maa ki hot chudai ki हेलो दोस्तों, मेरा नाम प्रिंस है और मैं अमृतसर में रहता हूं, मैं आपके लिए बहुत मस्त कहानी लेकर आया हूं जो कि मेरी जिंदगी से जुड़ी हुई है, मेरी बुआ जो की मेरे पापा से बड़ी थी और थोड़ी गुस्से वाली थी, उनकी तीन बेटियां थी जो कि मेरी सिस्टर थी और वह आगरा में रहते थे. यह कहानी तब की है जब मेरी बुआ की सबसे बड़ी लड़की की शादी थी. अब मैं शादी से एक महीना पहले आगरा बुआ के पास रहने आ गया था.

बुआ के घर पर किराएदार रहते थे जिनकी एक बेटी थी उसका नाम प्रिया था, जो की बहुत सुंदर दी गोरी चिट्टी दूध जैसी थी. उसकी सुंदरता ने मुझे पागल कर दिया था और मैं उसको चोदना चाहता था. यह बात मैंने अपनी बहन यानी बूआ की लड़की जिसका नाम रोजी था उसको बताइ कि मैं प्रिया से बहुत प्यार करता हूं. यह सुनते ही रोजी ने भी अपने मन की बात बताई कि वह मुझसे बहुत प्यार करती है, और इतना कहते ही मुझे गाल पर किस कर दिया.

मैंने सोचा क्यों ना एक के साथ दूसरी फ्री हो जाए? क्योंकि प्रिया को मैं चोदना चाहता था और रोजी ने तो खुद ही अपने प्यार का इजहार कर दिया और इतना सोचते ही मैंने भी उस को जप्पी से दी और किस करने लग गया. हम दोनों रात को बेड पर एक साथ इकट्ठे सोते थे, एक रात जब हम सो रहे थे तो मुझे नींद नहीं आ रही थी. अब मेरा मन चोदने का कर रहा था, इसलिए मैंने साथ में लेटी रोजी को पीछे से झप्पी दे दी. और उसके बूब को दबाने लगा. उसने नाईटी डाली हुई थी और मैं भी उसके बूब्स दबाए जा रहा था.

क्या मस्त थी उसकी बुब.. मेने देखा कि रोजी बहुत गहरी नींद में सो रही है, उसे मेरी इस हरकत का पता नहीं चल रहा था, इसलिए मैंने उसकी पैंटी पर भी हाथ ले गया और उसने वहां नैपकिन लगाया हुआ था. और फिर मेरी आंख कब लग गई पता ही नहीं चला.

अगले दिन जब हम उठे तो मैंने यह बात रोजी को बताई पर उसे मेरी इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा था. फिर मैंने उसे नैपकिन वाली बात बताई तो वह मुझ पर विश्वास करते हुए बोली सच बोल रहा है..

फिर मैं उसके साथ सेक्स की बातें करना शुरु कर दिया.

अगली रात मैंने सेक्स करने को कहा चलो आज कुछ सेक्सी करते हैं..

रोजी ने कहा नहीं.

मैंने कहा क्यों तुम मुझे प्यार नहीं करती? जो चुदाई के लिए मना कर रही हो.

उस ने कहा ऐसी बात नहीं है.

मैंने कहा फिर क्या बात है?

उसने कहा मैं गंदा काम नहीं करती.

मैंने कहा गंदा मतलब??

उसने कहा जो तुम करना चाहते हो.

मैंने कहा तो किस तो करने दो.

उस ने कहा ठीक है

मैंने उसे बहुत सारी किस करी और उसके बूब ऊपर से ही दबाने लगा, वह भी गर्म होने लगी और उसे अपना साथ देने के लिए बातों में लग गया.

मैंने कहा तुम्हारा साइज क्या है?

उसने कहा ३२

मैंने कहा कभी किसी से दबवाई है?

उसने कहां नहीं.

और मैं अब अपना हाथ इसकी पैंटी की और ले गया और उसने मुझे रोक दिया.

मैंने कहा क्या हुआ?

उसने कहा बाहर से जो करना है वह कर लो, लेकिन अंदर से नहीं.

मैंने कहा क्यों?

उसने कहा बस ऐसे ही..

मैंने उसकी चूत को ऊपर से रगड़ दिया और जिस से वह गर्म होने लगी और मुझे भी रुका ना गया और मैंने उसका हाथ अपनी पैंट पर रख दिया.

वह मेरा लंड ऊपर से ही सहलाने लगी पर मुझे कुछ खास मजा नहीं आ रहा था.

मैंने कहा तुम अपना हाथ अंदर डाल दो.

उसने कहा नहीं.

मुझे गुस्सा तो बहुत आ रहा है पर गुस्से को शांत करते हुए अपना लंड पेंट से बाहर निकालकर उसके हाथ पर थमा दिया.

वह बहुत गर्म होने लगी थी और मेरा लंड जोर जोर से ऊपर नीचे करने लगी. मैंने भी मौके का फायदा उठाया और उसके बूब को हाथ डालकर अंदर से पकड़ लिया.

रोजी भी मजे ले रही थी और मेरे लंड को जोर जोर से ऊपर नीचे कर रही थी जिसे मेरे लंड का पानी निकलने को बेताब हो गया था. और मैंने अपना पानी उसके पेट पर निकाल लिया और सो गया.

अगली रात हम फिर से सेक्स के लिए तैयार हो गए और वो भी काफी खुल गई थी.

मैंने कहा चुम्मी लेनी है??

उसने कहा ले लो.

मैंने कहा निचे की चुम्मी लेनी है.

वह शरमा गयी पर मैं समझ गया और उसके कपड़े उतारने लग गया. उसने मुझे ब्रा और पेंटी नहीं उतारने दी. मैंने भी उसकी बात मान ली और उसकी चूत को उपर से ही चाटने लग गया..

अब रोजी की गरम होने लगी और उसने मेरे कपड़े उतार दिए और मेरा लंड अपने हाथों में लेकर अपने मुंह को लंड पर रख दिया और अपनी जीभ को बाहर निकालते हुए लंड को चूस कर अंदर ले गई..

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