नहलाकर रंडी चोदी

अमित ने आगे होकर अब अच्छे से उसके चूचों को सहलाना जारी रखा। जिस वजह से अनु भी अब गर्म होने लगी थी।

अब अमित ने देर न करते हुए, अनु का सलवार और कमीज उतार दिया। अब अनु सिर्फ ब्रा और पैंटी में अमित के सामने थी।

अमित ने अब सीधा अनु की चुत पर हमला बोल दिया। उसने अनु की पैंटी को थोडा सा साइड करके उसकी चुत की फांको को चाटते हुए अपने मुंह मे लेकर चुसने लगा। थोडी देर बाद उसने अपनी उंगली को भी उसकी चुत में घुसा दिया।

थोडी ही देर बाद अमित ने उठकर उसकी पैंटी को निकालकर फेक दिया और उसे अपना लंड चूसने के लिए दिया। अब अनु भी मजे लेकर यह सब कर रही थी।

जैसे ही अमित ने उसे लंड चूसने को कहा, अनु ने भी बिना कोई झिझक दिखाए उसके लंड को अपने मुंह मे भर लिया। अनु अब एक लॉलीपाप की तरह अमित का लंड चाट रही थी चूस रही थी।

अमित का लन्ड अनु के गले तक जाकर आता था तो उसकी तो जैसे सांस ही अटक जाती थी।

अनु की लंड चुसाई के बाद अमित का लंड तो एकदम टनटना उठा।

तो अमित ने अनु को घोडी बनाकर पहले पीछे से उसके चुतड़ों पे दो चांटे लगाते हुए बोला, “साली कमीनी तेरी याद में न जाने कितनी रातें ये मेरा लंड तडपा है, आज जाकर इसे तेरी चुत नसीब हुई है।”

अब तक अनु भी काफी खुल चुकी थी, तो वो बोली, “अमित भैया अगर आप पहले भी मुझे पकडकर चोद देते मै खुशी खुशी आपसे चुदवाती।”

अनु का इतना कहना था कि, अमित ने पीछे से उसकी चुत पे अपने लंड से निशाना साधकर एक जोर का झटका लगा दिया।

इस पहले ही झटके में अमित का मूसल जैसा लंड आधे से ज्यादा अनु की चुत के अंदर तक चला गया। और अनु के मुंह से एक सिसकारी निकल गई।

अब अमित भी कहाँ रुकने वाला था, वो भी बिना रुके धक्के मारे जा रहा था। अभी तक अमित ने अनु की ब्रा नही निकाली थी। अमित ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध मसल रहा था।

अनु ने उससे कहा, “इनको दबाने का इतना ही शौक है, तो पहले इन्हें आजाद करो और फिर इनके साथ जो करना है वो करो।”

अनु के मुंह से ये बात सुनते ही अमित ने उसकी ब्रा निकालनी चाही, पर अमित से उसका हुक नही खुल रहा था। अमित पर तो जोश और हवस सवार थी, उसने अनु की ब्रा को फाडकर निकाल दिया।

अब अनु के आम जैसे चुचियां बिल्कुल आजाद थी। और उन्हें कैद करने के लिए अमित के हाथ तैयार थे।

अमित अब उसकी चुत में अपना लौडा घुसाए धक्के पे धक्के मारे जा रहा था। जिस वजह से अनु की चुचियां उसके हर धक्के के साथ हिल रही थी।

अब अमित ने उसके एक उरोज को अपने हाथ मे थामकर मसलने लगा। अमित अनु को पिछले दस मिनट से धकमपेल चुदाई करते हुए पेल रहा था।

अनु अब तक तीन बार झड चुकी थी और अब वो उससे कहने लगी, “अब बस भी करो, चुत में जलन हो रही है।”

लेकिन अमित ने उसकी बात को अनसुना कर दिया और उसने अपने धक्कों की गति तेज कर दी। अब वो झडने के करीब था।

तो उसने अनु को सीधा लिटा दिया और उसके दूधों को सहलाते हुए अपने लंड को उसके मुंह मे डाल दिया। थोडी देर लंड चुसवाने के बाद अमित अनु के मुंह मे ही झड गया।

सारा वीर्य अनु को पीना पडा, तब जाकर अमित ने उसके मुंह से अपना लौडा उसे निकालने दिया।

अब तो ये रोज का खेल हो चुका था। अनु सुबह आती और जल्दी पूरा काम खत्म करके चुदाई करवाती और अपने घर चली जाती।

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धन्यवाद।

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