नशे में दोस्त को चोदा

नमस्कार दोस्तों मै मुकेश आज आपके सामने अपने कॉलेज जीवन की कहानी बताने जा रहा हूं, उम्मीद करता हूं कि, आप सभी को यह कहानी पसंद आए। इस कहानी में पढिए, किस तरह से मैने अपनी दोस्त का फायदा उठाकर उसके साथ चुदाई की। दोस्त नशे की हालत में होने से उसकी तरफ से कोई विरोध नही था।

यह कहानी मेरी और मेरी एक दोस्त अनुजा की है। अनुजा को सभी प्यार से अनु ही बुलाते थे। कॉलेज में पहले ही दिन हम दोनों की मुलाकात हुई, हम दोनों एक ही साथ एक कक्षा में होने के कारण हमारी और भी अच्छी जान पहचान हुई।

हम दोनों ही अपना अधिक तर समय एक-दूसरे के साथ ही बिताते थे। ऐसे ही एक दिन अनु ने मुझसे कहा कि, आज उसका दारू पीने का मन है। तो मैने उससे कहा, ठीक है, आज रात तेरे घर पर प्लान बनाते है।

उसे भी इससे कोई आपत्ति नही थी, तो उसने भी तुरंत ही हां कर दी। तो जैसे तय हुआ था, मै रात को दारू लेकर उसके घर गया।

उसके घर पर सिर्फ उसकी मां और वो रहते थे। पापा अक्सर काम के सिलसिले में बाहर ही रहते थे। मेरे जाने के बाद, पहले हम दोनों आंटी को दिखाने के लिए कुछ देर तक पढते बैठे।

फिर आंटी के सोने के बाद, हमने बोतले खोल दी। धीरे धीरे हम दोनों ही जाम लगाए जा रहे थे। दो पेग के बाद, वो मुझसे और थोडा खुल गई।

अब वो अपने रिलेशनशिप के बारे में मुझे बताने लगी थी। वो अपने बॉयफ्रेंड से कुछ वजह से झगडा कर ली थी। शायद इसीलिए वह आज पीना चाहती थी।

वो बातों बातों में मुझसे और सटकर बैठ गई। शुरू में तो मेरे मन मे कोई गलत खयाल नही आया। लेकिन जब वह उठकर मेरी जांघों पर बैठ गई, तब उसके स्तन मेरे मुंह से टकरा गए।

तभी मैने पहली बार उसके बारे में उस तरह से सोचा। अनु का रंग गोरा चिट्टा था, ऊपर से उसका फिगर देखकर तो किसी का भी मन डोल जाए। उसके चुचे ३२ के होंगे, कमर ३० और कूल्हे ३४ के।

भगवान ने बडी ही फुर्सत से इस हसीना को बनाया था। अब ऐसी हुस्न की परी पास में बैठी हो, और आपके साथ इतना खुल जाए तो मन एक बार को तो डोल जाएगा ही। मै उस वक्त पजामा और टी-शर्ट पहने हुए था। और अनु टॉप के साथ एक शॉर्ट पहनी हुई थी।

अनु मुझसे चिपके ही जा रही थी, और उसके इस तरह से चिपकने से मेरा लंड खडा हो रहा था। मैने पजामा पहना हुआ था, तो उसमें से मेरे तने हुए लंड को आराम से फील किया जा सकता था।

कुछ देर बाद, अनु को कुछ होश नही रहा। और उसी हालत में वो मेरे सीने पर अपना सर टिकाकर सो गई। मैने पहले तो उसे उठाने की काफी कोशिश की, लेकिन जब वह नही उठी, तब मैने भी उसे एक जोर से हग किया।

हग करने के बाद मैने उसे अपनी गोद मे उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया। बिस्तर पर लिटाने के बाद वो बस इधर उधर हिली, और फिर से सो गई।

मै उसके पास बैठकर बस उसे देख रहा था, सच कहूं तो मै उसकी ओर आकर्षित हो रहा था। मेरे मन मे उसे चोदने के खयाल आने लगे थे।

पहले मैने उसे अच्छे से हिलाकर देखा कि, वो गहरी नींद में सो रही है। फिर जैसे ही मुझे यकीन हुआ, कि वो गहरी नींद में है। मैने अपने होंठ उसके नाजुक कोमल से होठों पर रख दिए।

अपने होंठ उसके होठों पर रखते ही उसके मुलायम होठों का जो सुखद अहसास था, मजा ही आ गया। फिर मैने उसे चूमना चालू कर दिया, धीरे धीरे अब मै और आगे बढता जा रहा था।

मैने कुछ ही देर में उसके होंठ अपने मुंह मे भरकर चूसना शुरू कर दिया। मै उसके होठों का रसपान करने लगा था। वो अभी भी नींद में ही थी, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत और भी बढती जा रही थी।

मैने अब अपने हाथ उसके बदन पर घुमाते हुए उसकी चूचियों को दबाना भी शुरू कर दिया था। उसकी चुचियां छूते ही मुझमे कुछ अजीब सा हुआ, जिस वजह से मैने और जोर जोर से उसकी चुचियां मसलना शुरू कर दिया।

मेरे जोर से चुचियां मसलने से वो थोडा इधर उधर हिली, लेकिन नींद से नही जागी।

कुछ देर बाद वो अपने बॉयफ्रेंड का नाम लेकर मुझे बुलाने लगी, शायद उसे यह एक सपना लग रहा था जिसमे उसका बॉयफ्रेंड उसके साथ यह सब कर रहा था। मेरे लिए तो यह और भी अच्छा ही था, अब मै सबकुछ खुलकर उसके साथ कर सकता था।

अब मै भी बिल्कुल बिनधास्त होकर उसके बदन के साथ खेलने लगा था। अनु ने भी अपना बदन मेरे हवाले कर दिया था। अब मै धीरे धीरे उसके कपडे उतारने के लिए आगे बढ़ रहा था।

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