नाईटी खोल चाची को चोदा

वो २०१५ के दिसम्बर का महिना था और मैं अपने चाचा जी के यहाँ रहने के लिए गया था. मेरे चाचा के व्यापारी हैं जिसकी वजह से वो अक्सर अपने घर से बहार रहते हैं. मैं अपनी चची के बारे में आप लोगो को पहले बता दूँ. वो दिखने में बहोत सुन्दर हैं और उनको देखने के बाद किसी का मन भी कर जाए अपने लंड को हिलाने को. उनका काम्प्लेक्न फेयर हैं और हाईट भी अराउंड ५ फिट ४ इंच की हैं.

और मेरी इस चाची की फिगर तो एकदम ही फाडू हैं अराउंड 32 30 34 की. और चाची नॉर्मली काफी टाईट कपडे पहनती हैं जिस से उनके बूब्स बहार की तरफ निकलते रहते हैं..

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दिसम्बर के मंथ की ठंड थी और चाचा जी किसी काम से लुधियाना गए हुए थे. एक दिन किया हुआ मेरी चाची ने कहा आजा बेटा तू मेरे कमरे में चल सोने के लिए. क्यूंकि हमारी पूरी फेमली चाचा के यहाँ शिफ्ट हुई थी तो हमारे रूम में थोड़ी जगह कम थी क्यूंकि काफी सामान भी रखा हुआ था.

तो उनके कहने पर मैं उनके साथ सोने के लिए चला गया. लेकिन उस वक्त मेरे दिल में कोई गलत इरादा नहीं था अपनी चाची को चोदने का. जिस रात मैं चाची के कमरे में सोने गया तो जब मैंने उन्हें नाईटी में देखा मेरा मन उसी दिन चाची को चोदने का करने लगा. फ्रेंड्स क्या बताऊँ वो क्या माल लग रही थी विथ कट स्लीव्स नाइटी एंड डीप क्लीवेज जिसमे से उनके चुंचे आधे से भी उपर बहार दिख रहे थे.

तो उस रात क्या हुआ मैंने अपनी चाची को बिच में सोने के लिए मन कर दिया वरना वो ज्यादातर कोने में सोती हैं और बिच में उनका लड़का सोता हैं. उस रात मुझे पूरी रात चाची को चोदने के सपने आते रहे. ऐसे ही एक दो दिन चलता रहा और मैं चाची की चूत चूसने के लिए और चोदने के लिए बेताब सा हो गया था. लंड को हिलाने की एवरेज की भी माँ बहन हो गई थी. नॉर्मली हफ्ते में ३-४ बार मुठ मारता था मैं लेकिन अब तो दिन में १-२ बार हाथ से हिलाना पड़ रहा था

फिर एक दिन मैंने देखा की मेरी चाची ने कपबोर्ड के पीछे जा के अपनी पेंटी उतारी और यह देखते ही मेरी नजर चाची की नजर से मिल गई और उन्होंने कोई रिएक्शन नहीं दिया. उस रात वो नॉर्मली मेरे साथ सोने आ गई बट कुछ रिएक्शन नहीं दिया तो मैं भी नॉर्मली सोने की एक्टिंग करने लगा. रात के करीब २ बजे मुझे महसूस हुआ की कोई मेरे लंड को टच कर रहा हैं. मैंने जब हलकी सी मूवमेंट कर के देखा तो पता लगा की चाची अपने गांड को मेरे पर टच करा रही थी और उनका पेट भी खुला हुआ था.

मैंने इस बात का पूरा फायदा उठाया और अपने एक हाथ से चाची की कमर को पकड ली और फिर मैंने अपना एक पेर चाची के पैरो के बिच में डाल दिया जिस से उन्हें लगे की मैं सो रहा हूँ. अब मेरा लंड चाची की गांड को टच हो रहा था और वो पूरा कडक भी था.

ऐसे ही १०-१५ मिनिट चलता रहा. फिर चाची ने हिम्मत कर के मेरे हाथ को अपने हाथ से खिंच के अपने कडक बूब्स पर रख दिया. नाईटी के अन्दर उसने कोई ब्रा नहीं पहनी थी और नाईटी का सिल्की टच और उनके चुन्चो का मखमली टच मुझे और भी उत्तेजित कर रहा था. मैंने हलके हाथ से चाची के बूब्स का मर्दन चालू कर दिया क्यूंकि चाची की प्यासी चूत का सिग्नल मुझे मिल चूका था. चाची हलकी सिसकियाँ ले रही थी और मैं उसके बूब्स के साथ साथ उसकी निपल्स को भी अपनी उँगलियों से नचा रहा था.

चाची ने अब करवट बदली और हम दोनों की आँखे मिली. वो कुछ कहती उस के पहले ही मैंने अपने होंठो को उनके होंठो से लगा के किस कर लिया. चाची भी किस में मेरा साथ दे रही थी और मेरा बूब्स दबाना तो चालू ही था उस वक्त भी. मैंने चाची के एक हाथ को पकड़ के अपने लंड पर रख दिया. चाची ने कुछ नहीं किया बस मेरे लंड को मुठी में बंध कर लिया. थोड़ी देर किसिंग करने के बाद मैंने अपना एक हाथ चाची की चूत पर रखा नाईटी के ऊपर से और पाया की चाची की चूत पूरी गीली हो गई थी.

फिर मैंने नाईटी के ऊपर से ही उनकी चूत को सहलाना चालू कर दिया और वो पागल हुए जा रही थी. फिर उन्होंने मुझे ६९ पोज़ीशन के लिए कहा तो मैं फट से मान गया. चाची मेरे लंड से खेल रही थी और मैं उनकी चूत को प्यार कर रहा था. चाची की चूत एकदम क्लीन शेव्ड थी बिना किसी बाल के और छेद भी एकदम कसा हुआ यानि की टाईट था.

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