ऑफिस की नशीली चूत का आनंद

office sex stories, antarvasna

मेरा नाम गौरव है मेरी उम्र 35 वर्ष है और मैं एक शादीशुदा पुरुष हूं, मेरी शादी को 6 वर्ष हो चुके हैं और मेरी पत्नी से मेरी बिल्कुल भी नहीं बनती क्योंकि इन 6 वर्षों में उसके अंदर बहुत ही बदलाव आया है, मैं उसके इस बदलाव से बहुत परेशान हूं। मैंने कई बार उससे इस बारे में बात भी की लेकिन वह मुझसे बिल्कुल भी बात नहीं करना चाहती और छोटी-छोटी बातों पर वह झगड़ा कर लेती है। मैंने उसे कई बार कहा कि तुम बहुत ही बदल चुकी हो। हम दोनों ने लव मैरिज की थी और मैंने अपने घर वालों से भी अपनी पत्नी के लिए झगड़ा किया था क्योंकि वह बिल्कुल नहीं चाहते थे कि मैं उससे शादी करूं। मैं एक अच्छे घर से हूं और मेरे पिता एक बिजनेसमैन थे और मैं उनका ही काम संभाल रहा हूं। वह मुझे हमेशा ही मना करते रहे लेकिन मैंने उनकी एक ना सुनी और मैंने उससे शादी कर ली परंतु अब मुझे एहसास होता है कि मैंने यह शादी करके गलती कर दी।

मुझे अपने माता पिता की बात मान लेनी चाहिए थी और जिस लड़की से वह कहते उसी से मुझे शादी कर लेनी चाहिए थी परंतु अब मैंने शादी कर ली है, मैं अपनी शादी से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं। मेरी पत्नी को बहुत ही पार्टियों का शौक है और वह मुझे बिल्कुल भी वक्त नहीं देती। मैं अपने काम में बिजी रहने के बावजूद भी कुछ वक्त निकाल लेता हूं ताकि उसे इस बात का बुरा ना लगे, परंतु जब भी मैं घर पर होता हूं तो वह कुछ ना कुछ बहाने कर के घर से चली जाती है, यह मुझे बहुत ही बुरा लगता है। कई बार मैं सोचता हूं कि मुझे इस बारे में सोचना ही नहीं चाहिए इसलिए मैंने अब इस बारे में सोचना ही छोड़ दिया है और मैं अपनी पत्नी से भी बहुत कम बात करता हूं। वह मुझसे सिर्फ उसी वक्त बात करती है जब उसे कुछ आवश्यकता होती है। मैं अपने बिजनेस को बहुत अच्छे से चला रहा हूं, यह काम मेरे पिताजी ने शुरू किया था लेकिन मैंने इसे बहुत ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया और मेरे पिता भी इस बात से बहुत खुश हैं। कई बार वह मुझसे इस बारे में भी जिक्र करते हैं कि यदि तुम अपने रिलेशन से खुश नहीं हो तो तुम किसी और लड़की से शादी कर लो लेकिन मैं उन्हें कहता हूं कि मैं इस बारे में नहीं सोचता हूं और सिर्फ अपने काम पर ही मैं ध्यान देता हूं।

loading…
हमारे ऑफिस में एक नई लड़की आई, मैंने ही उसे फोन किया था और उसका नाम कावेरी है। वह दिखने में भी बहुत सुंदर है और काम करने में भी बहुत एक्टिव है। वह काम में अपना हमेशा ही सौ प्रतिशत देती है इसलिए वह काम को अच्छे से कर पाती है। मैं हमेशा ही उसके काम की तारीफ करता हूं, वह भी मुझसे बहुत खुश रहती है लेकिन मैंने उसे कभी भी अपने दिल की बात नहीं कही वह मुझे बहुत अच्छी लगती है। कावेरी जब भी मेरे साथ बैठी होती है तो मुझे बहुत अच्छा लगता है क्योंकि वह जिस प्रकार से बात करती है मुझे उससे बात करना बहुत ही अच्छा लगता है। मैंने एक बार कावेरी से कहा कि यदि तुम मेरे साथ डिनर पर चलो तो मुझे बहुत खुशी होगी। वह कहने लगी कि यह तो मेरे लिए बहुत बड़ी बात होगी यदि आप मुझे डिनर पर इनवाइट करेंगे। मैंने उसे कहा कि ठीक है, अगले हफ्ते हम लोग डिनर पर चलेंगे और मैं तुम्हें इन्फॉर्म कर दूंगा। मुझे कावेरी के साथ समय बिताना बहुत ही अच्छा लगता है और वह हमारे ऑफिस की सबसे अच्छी एंप्लॉय है। मैंने अगले हफ्ते उसे कहा कि आज हम लोग किसी अच्छी जगह चलते हैं, वह कहने लगी ठीक है। मैंने शाम को उसे अपने साथ चलने के लिए कहा और उसके बाद मैंने अपनी कार पार्किंग से निकाली और कावेरी मेरे साथ ही बैठी हुई थी। हम लोग रास्ते पर बहुत बातें कर रहे थे और मुझे उससे बात करना अच्छा लग रहा था। हम दोनों के बीच में कभी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर बात नहीं हुई थी। मैंने कावेरी से पूछा कि क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है, वह कहने लगी पहले मेरा एक बॉयफ्रेंड था लेकिन अब मैं सिंगल हूं और मैं सिंगल ही बहुत खुश हूं। कावेरी भी मुझसे पूछने लगी कि सर आपकी भी तो शादी हो चुकी है, आपका रिलेशन कैसा चल रहा है। मैंने उसे उस वक्त कुछ भी नहीं बताया और जब हम लोग होटल में पहुंच गए, उसके बाद हम लोग एक रेस्टोरेंट में बैठे हुए थे और साथ में बैठ कर बात कर रहे थे।

उस वक्त मैंने उसे बताया कि मैं अपने रिलेशन से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं। मेरी लव मैरिज हुई थी लेकिन मेरी पत्नी अब बदल चुकी है और उसे मेरी कोई भी फिक्र नहीं है। जब यह बात कावेरी ने सुनी तो वह कहने लगी कि सर आप तो बहुत ही अच्छे हैं और यदि आपकी पत्नी आपकी भावनाओं की कदर नहीं कर पा रही तो यह अच्छा नहीं है। मैंने उसे कहा कि वह मुझे बिल्कुल भी प्यार नहीं करती और ना ही अब हम दोनों साथ में समय बिताते हैं इसीलिए मुझे उसके साथ रहना भी पसंद नहीं है। मेरे घर वालों ने तो मुझे उससे डिवोर्स लेने को कह दिया है, परंतु फिर भी मैं जबर्दस्ती रिलेशन को चला रहा हूं लेकिन मैं अपने रिलेशन से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं। जब यह बात मैंने कावेरी को बताई तो मुझे बहुत हल्का महसूस हुआ क्योंकि मैंने यह बात किसी को भी नहीं बताई थी। कावेरी मेरी बात बहुत ध्यान से सुन रही थी और मेरे साथ ही बैठी हुई थी। हम दोनों डिनर करने के बाद कुछ देर साथ में ही बैठे हुए थे और बातें कर रहे थे। मैंने बात करते-करते कावेरी का हाथ पकड़ लिया जब मैने कावेरी का हाथ पकड़ा तो उसे भी अच्छा लगने लगा और उसने भी अपने दूसरे हाथ से मेरे हाथ को दबाना शुरू कर दिया। उसके शरीर से गर्मी निकलने लगी थी और मैंने उसकी जांघ पर अपने हाथ को रखा तो वह मचलने लगी।

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *