पढाई करते हुए निशा की चुदाई की

हेलो एल पीपल एंड हॉट लेडीज. मैं अंकुर हु और मेरी ऐज २० है. मैं दिल्ली – एनसीआर में रहता हु. कोई भी गर्ल, भाभी सेक्स के लिए मुझ से कांटेक्ट कर सकती है. ये मेरी पहली स्टोरी है. सो अगर कोई गलती हो जाए, तो सॉरी.

ये बात तब की है, जब मैं १८ इयर्स का था. मेरे घर के सामने वाले घर में निशा नाम की एक लड़की रहती थी. मैं आप सबको उसके बारे में बता दू.. निशा बहुत ही ब्यूटीफुल थी और उसका फिगर भी बहुत अच्छा था. हमारी कॉलोनी में सबसे बड़े बूब्स निशा के ही थे. वो बहुत ही गोरी थी और उसकी फिगर ३४ – ३० – ३४ होगी. वो बहुत ही सेक्सी लगती थी.

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मेरा मन तो बहुत पहले से ही उसके साथ सेक्स करने का था. हम अच्छे फ्रेंड थे. पूरी कॉलोनी को लगता था, कि हम रिलेशनशिप में है. पर रियलिटी में ऐसा कुछ भी नहीं था. एक बार निशा के मम्मी पापा और उसका छोटा भाई कहीं बाहर गए हुए थे. पर उनके साथ निशा नहीं गयी. मैं शाम को अपनी बालकनी में खड़ा था और मैंने देखा, कि वो घर के बाहर चेयर पर बैठी हुई थी.

उसने मुझे देखा, तो बोली – अंकुर मुझे मैथ्स में एक प्रॉब्लम है. प्लीज आकर क्लियर कर दो. मैं तुरंत उसके घर चले गया. वहां जा कर देखा, कि उसके घर में कोई भी नहीं था. मैंने तो खुश ही हो गया था. फिर मैंने पूछा, कि सब कहाँ गए है? वो बोली – सब गाँव गए हुए है और कल मोर्निंग में आयेंगे. उस टाइम निशा ने पिंक टॉप और वाइट स्कर्ट पहनी हुई थी. बिलकुल बम लग रही थी वो. मैंने अपने आप को कण्ट्रोल किया किसी तरह से.

मैंने उसे बोला, कि बताओ क्या प्रॉब्लम है मैथ्स में? वो अपनी बुक ले आई और बेड पर बैठ गयी. मैं वहां चेयर पर बैठ गया. उसे अलजेब्रा में प्रॉब्लम थी. मैंने उसको मैथ्स समझाना शुरू किया. थोड़ी देर बाद वो बोली, मुझे गरमी लग रही थी और उसने फेन तेज कर दिया. हम फिर से पढने बैठे. वो बेड पर बैठ कर फोर्मुले याद कर रही थी. अचानक फेन की हवा से उसकी स्कर्ट ऊपर उठ गयी. स्कर्ट तो थोड़ी सी ही उठी थी. लेकिन मैंने उसकी पेंटी देख ली. उसने पिंक कलर की पहनी हुई थी. वो शर्मा गयी और हल्का सा स्माइल करने लगी. मैंने भी शर्मा रहा था.

फिर थोड़ी देर बाद वो बोली, कि मैं चेंज कर के आती हु. इन कपड़ो में मुझे गरमी लग रही है. वो चेंज करने चली गयी. जब वो चेंज कर के वापस आई, तो मैंने देखा.. उसने वो ही स्कर्ट पहनी हुई थी बस टॉप चेंज कर लिया था. इस बार उसने वाइट टॉप पहना हुआ था. उसमे से उसकी पिंक ब्रा साफ़ दिख रही थी. हम फिर से पढने लगे.

इस बार वो बेड पर उल्टा लेट कर पढ़ रही थी. कि अचानक से उसकी स्कर्ट हवा से ऊपर उठ गयी. मैं चेयर पर बैठा था, इसलिए मुझे उसकी गांड साफ़ – साफ़ दिख रही थी. उसे शायद ये पता नहीं चला था. फिर मेरा धयान गया, कि वो पेंटी उतार चुकी थी और उसने पेंटी नहीं पहनी थी. उसकी पिंक चूत भी दिख रही थी थोड़ी सी. अब मेरा मन मचल गया था. मैं सोच ही रहा था, कि अब क्या करू? कि उसका धयान मेरे ऊपर गया और उसने मुझे घूरते हुए पकड़ लिया. मैं बोला, कि वो स्कर्ट ऊपर उठ गयी है… वो बोली, ठीक है. नीचे कर दे तू. मैंने ठीक करने लगा. तो वो बोली, अंकुर चेक करना, कि मेरी कमर पर कोई मोस्कीटो है क्या? मुझे वहां पर खुजली हो रही है.

मैंने उसका टॉप थोडा सा ऊपर किया, वहां पर कुछ भी नहीं था. मैंने कहा.. यहाँ पर कुछ भी नहीं है. वो बोली, खुजली हो रही है. तुम करदो ना. मैं खुजली करने लगा. उसने बोला, थोडा सा नीचे कर. नहीं थोडा नीचे.. मैं नीचे करने लगा… ऐसा करते – करते.. मैंने उसकी स्कर्ट नीचे कर दी. वो अभी भी खुजली करवा रही थी. उसकी गांड साफ़ दिख रही थी. फिर वो बोली, थाई पर भी कर दो. मैं करने लगा.. तो वो बोली, थोडा ऊपर.. अचानक से मेरी ऊँगली उसकी चूत से टच हो गयी.. वो मचल गयी… बोली ये क्या कर रहे हो?

मैंने कहा, कि मैंने वहां कुछ अन्दर जाते हुए देखा था. उसने तुरंत अपनी स्कर्ट उतार दी. उसकी पिंक चूत मेरे सामने थे. क्या मस्त हॉट थी वो. थोड़े से बाल थे वहां. वो बोली, क्या देख रहे हो.. चेक करो ना.. कहाँ अन्दर गया है? मैं उसकी चूत को ऊपर से सहलाने लगा. फिर मैंने एक ऊँगली अन्दर डाल दी. उसके मुह से जोर कि सिसकारी निकल गयी. मैंने ऊँगली अन्दर – बाहर करने लगा. वो धीरे – धीरे मोअन करने लगी थी. फिर मैंने ऊँगली ऊँगली बाहर निकाली और देखा, कि मेरी ऊँगली गीली हो चुकी थी.

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