पड़ोसन आंटी को पोर्न देखते हुए देखकर मेरा लंड खड़ा हुआ

pados ki aunty ki hot chudai हाय दोस्तों मेरा नाम अक्षरदीप सिंह हे और प्यार से सब मुझे अक्की कहते हे. मैं पंजाब से हूँ और आप लोगो के लिए हिंदी पोर्न स्टोरीज़ डॉट कोम के ऊपर अपनी एक चुदाई की कहानी ले के आया हूँ. दोस्तों ये किस्सा मेरी लाइफ की पहली चुदाई का हे. अब सीधे सीधे कहानी पर ही आते हे. मैं अभी अपनी पढाई कर रहा हूँ. मेरी उम्र अभी 22 साल क हे. मैंने लास्ट सेम के करीब से ही एक कम्पनी में अपनी ट्रेनिंग चालू कर दी. और क्यूंकि जिस कम्पनी में मैं ट्रेनिंग के लिए जाता था वो थोडा आगे थी इसलिए मैंने चंदीगड में ही पीजी में रहना चालू कर दिया. वहां पीजी वाली जो आंटी थी. साली बड़ी सेक्सी थी. दिखने में 30-35 साल की आंटियों वाले नखरे थे उसके, लेकिन असलियत में वो 50 साल के ऊपर की थी.

अंकल जी भी कुछ 55 साल के होंगे और उनकी बाजार में किराने की दूकान थी. आंटी ने पहले ही कंडिशन की थी की अगर घर में रहना हे तो खाना भी वही पर खाना होगा अंकल मोस्ट ऑफ़ अपनी दूकान पर होते थे. मैं खुद भी ट्रेनिंग पर कम जाता था और पूरा दिन मैं और आंटी बहार के हॉल में बैठ के टीवी देखते थे. एक दिन की बात हे. मेरे पीजी वाले कमरे में पानी नहीं चालू हो रहा था. मैंने सोचा की चलो आंटी को बोल दूँ. निचे उसे बताने के लिए गया तो मैंने देखा की उसके कमरे का दरवाजा खुला उया था. मैंने नोक किया नहीं और सीधे ही कमरे में घुस गया. अन्दर का सिन एकदम सेक्सी बना हुआ था. आंटी अपनी खुद की रूम की टीवी पर नंगी ब्ल्यू फिल्म चढ़ा के बैठी हुई थी. और उसने अपनी टांगो को खोल के चूत में ऊँगली डाल रखी थी.

आंटी की पीठ मेरी तरफ थी और उसने मुझे अब तक नहीं देखा था. मेरा तो लंड खड़ा हो गया इस सेक्सी सिन को देख के. मैंने सोचा की साली इस आंटी की बुर को पेल दूँ तो ठंडक मिल जाए मेरे कलेजे को भी. पर मैंने सोचा की अक्की बेटा कोई जल्दबाजी नहीं करनी हे. मैं वापस बाहर निकल गया और दरवाजे पर नोक किया. अन्दर से आंटी बोली, रुको मैं आती हूँ एक मिनिट में. और थोड़ी देर में आंटी बहार आ गई. उसने अपने कपडे ठीक कर लिए थे. लेकिन अब मेरी उसे देखने की नजर वो नहीं रही थी. मैंने उसके बूब्स की तरफ देखा. आंटी ने कहा, क्या हुआ क्यूँ थोक रहे थे कमाड को?

मैं आंटी को बोला, वैसे तो आप को एक बात बोलनी थी आंटी. पर क्या करूँ बड़ी ही शर्म सी आ रही हे मुझे तो.

लेकिन आंटी तो जैसे मेरे पीछे ही पड़ गई और बोली चलो बताओ क्या कह रहे थे. मैंने आंटी को कहा जी वो मुझे निचे दर्द हो रहा हे?

आंटी ने पूछा, निचे कहा, पैर में?

मैंने बिना हिचक के कह दिया जी नहीं लंड में!

एक मिनिट के लिए आंटी कुछ भी नहीं बोली. लेकिन फिर मेरे करीब होते हुए बोली, अक्की मुझे दिखाओ तो की कहाँ पर दर्द हो रहा हे तुम्हे? मैंने कहा नहीं आंटी जी मुझे बड़ी शर्म सी आ रही हे.

आंटी बोली ठीक हे फिर इतनी शर्म आ रही तो. लेकिन फिर बड़े प्रॉब्लम में फंसो तो मत बोला की आंटी ने बोला नहीं था!

मैंने बोला, आए आंटी जी नाराज मत होइए अभी दिखाता हूँ.

आंटी ने कहा, एक मिनिट रुको अक्की जरा मेनन दरवाजे को बबंध कर लूँ. और फिर वो बोली, चलो न इस से अच्छा हे अंदर जाते हे. और फिर वो मेरा हाथ पकड़ के मुझे अपने बेदरूम में ले गई. मैं अपनी पेंट की जिप को खोल के अपना लंड बहार कर दिया. वो बड़ी ही सेक्सी निगाहों से उसे देखि जा रा थी. दोस्तों मेरा लंड हे ही ऐसा की कोई भी फिमेल उसे देखे तो उसकी चूत पानी छोड़ दे. मेरा 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड देख के आंटी के अंदर की फिमेल भी हिल गई. उसने मेरे पास आ के लौड़े को अपने हाथ में पकड़ के मुझसे पूछा, किधर पेन हो रहा हे?

आंटी के हाथ लगते ही लंड के अंदर पूरी सेक्सी फिलिंग आ गई और वो तन के मोटा और लम्बा हो गया. मैंने आंटी से कहा, आप ने हाथ लगाया तोपेन थोडा कम हो गया!

आंटी मेरे लौड़े को ऊपर निचे सब तरफ देख रही थी. और फिर वो बोली, दर्द तो कम होगा ही ना मुझे लंड का बड़ा अनुभव हे. और फिर उसने मुझे कहा, अक्की तू सच में बाद लकी हे ऐसा लंड पा के!

आंटी ने कहा, देख शायद इसके मसल खिंच गए होंगे इसलिए उसके अन्दर दर्द हो रहा होगा. तू कहे तो मैं इसकी तेल से मस्त मालिश कर दूँ?

मैंने कहा कर दीजिये!

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