पड़ोस की भाभी और खाला की लड़की

हाय दोस्तो मैं इमरान (नेम चेंज) एज 25, 5.5 फीट एवरेज स्मार्ट बॉय.. बी.टेक कर चुका हू. आप लोगो को अपनी नयी लाइफ के रियल 1 रियल स्टोरी बताने जा रहा हू.कैसे मैने अपनी पड़ोस की भाभी और खाला की लड़की को चोदा.मैं अल्लहाबाद मे( इमरणसूद[email protected]गमाल.कॉम ) रहता हू. . भाभी का नाम शामीना(नेम चेंज्ड) 34 ईयर , 1दम गोरी, सेक्सी कोई भी लड़का उसे चोदने के लिए पागल हो जाए और दो बच्चो की मा. लड़की 11 और लड़का 7 का. भाभी का हज़्बेंड सौदी मे है और साल मे सिर्फ़ 15 दीनो के लिए आते हैं. खाला की लड़की गुड़िया एज 21 …1दम क्यूट बि.ए फाइनल मे है.

अब स्टोरी पे आता हू. बात आज से 3 मंत से पहले की है. हम किराए के मकान मे रहते है ,दो कमरे और मैं अपने अम्मी अब्बू के साथ रहता हू. नीचे मकान मालिक रहते है(ओल्ड कपल) .जस्ट बगल मे शामीना का घर है वो अपने सास ससुर के साथ रहती.. मकान ऐसे हैं की हम दोनो के छत के बीच सिर्फ़ 4 फीट की दीवार.. 1 दिन मीया छत पे अपनी जि.एफ से बात कर मेरी नज़र उनपे पड़ी और मैं देखता ही रह गया वो कपड़े डालने छत पे आईं पर उन्हो ने मुझे नोटीस नही किया. पता करने पे मालूम हुआ की उनका हज़्बेंड सौदी मे है. तब मेरे मन मे ख्याल आया की उनका हज़्बेंड हमेशा दूर रहता है शायद ये पट जाए.

अगले दी फिर मैं उसी टाइम छत पे गया और भाभी भी आई..मैं उन्हे घूर के देखने लगा उनकी नज़र मुझपे पड़ि पर ध्यान नही दिया..अब मैं उनको जब भी देखता तो उन्हे घूरता..अब उन्हे भी ये लग गया था एन शी गेव आंग्री लुक अट मी. बट मैं नही मानने वाला था. 1दिन वो छत पे किसी से बात कर रही मैने अपना नं. 1 पेपर पे लिख के फेका. और मैं वही देखने लगा उन्हो ने पेपर देखा बट नही उठाया. मैं सोचा की कुछ नि होगा और कमरे मे आ गया.

और अगले दिन फिर गया तो देखा की वो पेपर वहाँ नही था…रात 11:30 पे मेसेज आया “तुमने नं क्यू दिया?” मैं समझ गया ये शामीना ही है..मैं “तुमसे बात करने के लिए” …रिप्लाइ ” क्या बात?” ..मैं “फ्रेंडशिप”. वो”मैं किसी लड़के से फ्रेंडशिप नही करती और मैं मॅरीड दो बच्चो की मा”. मे “तो क्या हुआ तुम किसी 18 ईयर की लड़की से कम नही लगती”..मुझे पता था की उसका अकेलापन मुझसे दोस्ती के लिए उकसाएगा.. धीरे धीरे हम क्लोज़ हो गए और नॉन वेज बाते करने लगे.. मुझे पता चला की पिछले 10 महीनो से सेक्स नही की बॅड्ली डेस्पेरेट 4 इट.. रात के 1 बज रहा था सब सो गए थे मैने बोला मैं अओ शी सेड नो लेकिन मैं छत से दबे पाओ उसके कमरे मे पहुच गया..मुझे देख कर डर के मारे उसकी आवाज़ नि निकले..

वो बहुत धीरे रिक्वेस्ट करने लगी प्लीज़ तुम जाओ. बट मैने उसे पकड़ के किस करने लगा बगल मे उसके बच्चे सो रहे थे.. हमने 2 मिनट लीप किस्सिंग की फिर वो बोली तुम अभी जाओ किसी को पता चल जाए गा तो मैं मर जाउन्गि.. मैं वापस आया और 3 बार मूठ मारी पर नींद का पता नि..दिन मे उसके अच्छे स्कूल मे होते है औ वो उपर के कमरे मे अकेले फिर मैं पहुच गया और उसे पकड़ लिया और बूब्स प्रेस करने लगा..वो बोली नीचे सास है अभी नही और मुझे भगा दिया. (वो उपर के कमरे मे रहती है और ई-लॉस नीचे)

अगले दिन मेरी खाला गुडया के साथ आने वाली थी 15 दीनो के लिए. गुडया का बि.ए 2 एग्ज़ॅम ख़त्म हुआ था..

मैं भाभी से फोन सेक्स करता था पर मौका नही मिल पा रहा था..4 दिन बाद भाभी के सास ससुर 1 शादी मे जाने वाले थे और मैं बहुत खुश था….इधर गुडया से मेरे खूब बनती थी और हम घर खूब खेलते. 1 कमरे मे अम्मी ,खाला और गुडया सोती थी औ दूसरे मे मैं और अब्बू.

अब फोन सेक्स की लिए रात को मैं छत पे बैठ के 12:30 के कब भाभी से सेक्सी बाते कर रहा था और मूठ मार रहा था… मैं इतना मस्त हो गया की मुझे पता नही सला कब 2 बज गए.. मुझे सीडी के दरवाजे पे आहट सुनाई दी मैं झट से अपना लंड पैंट के अंदर कर लिया..और घबरा गया..वापस जा के देखा तो सब अपनी जगह पे सो रहे थे. मुझे लगा हवे से दरवाजा हिला होगा.अगले दिन सब नॉर्मल था पर गुड़िया मुझसे पूछी रात को छत पे किससे बाते कर रहे थे. मैं डर गया की कही उसने कुछ देख तो नही लिया उसने सिर्फ़ बाते करते देखा था..अंधेरा के वजे से कुछ समझ नही पाई..
वो बोली जि.एफ से बात कर रहे थे ना..मैं हा..वो समझी साना होगी मेरी कॉलेज वाली जि.एफ. (मैं शायद ऐसा कोई अफेर का नही सोचता बट सना की शादी कहीं और होने वाली थी..आई वाज़ डीप्ली हरटेड 4 दिस) वो बोली अपना फोन लाओ मेसेज पढ़ना है और फोन छीन लीया जबतक मैं कुछ कर पाता वो अम्मी के पास जा के बैठ गई अब मैं उससे फोन छीन नही सकता था और वो मुझे देने नि वाली थी..उस ने इनबॉक्स खोला और शामीना के सारे मेसेज पढ़ लिए.. जैसे”बच्चे सो रहे हैं”..”सास ससुर जाने वाले हैं” ..” आई लव्ड युवर किस”…वो शॉक्ड रह गई और फोन वापस कर दी और कुछ नही बोली. मैं भी शर्म से पानी पानी हो गया.. वो समझ गई ये कोई और है और मॅरीड है..वो थोड़ा गुस्से मे भी थी और शाम तक बात भी नही की…शाम को हम छत पर थे …शामीना भी अपने बच्चो के साथ अपनी छत पर थी.. गुड़िया पूछा मेसेज वाली कौन है मैने सर नीचे कर लिया,उसने गुस्से से फोन माँगी , मुझे लगा मेसेज पढ़ ही चुकी है अब क्या छुपाउ..

मैं दे दिया वो शामीना को फोन कर दी और शामीना का फोन बगल से छत पर बज उठा शामीना का मु दूसरी तरफ था और मेरा फोन समझ कर उठा लिया..गुड़िया ये देख कर फिर से शोक्ड रह गई..और फोन काट दिया ..और चुप चाप कमरे मे चली गई शामीना को नही पता चला की गुड़िया ने फोन किया था..अगले दिन शामीना घर पे अकेले होने वाली थी जिस का मैं बे सबरी से इंतज़ार कर रहा था इधर गुड़िया को सब पता चल गया था जो मैं कभी नि चाहता था क्यू की वो मेरी बहुत इज़्ज़त करती थी….

अगले दिन सुबह समीना के बच्चो क स्कूल जाने के बाद मैं उसके घर जाने वाला था और इस बात का गुड़िया को शक़ हो गया था.. लेकिन सुबह मैने अम्मी को घर पे बताया मैं अपने दोस्त के घर जा रहा हू गुड़िया समझ गई..और मुझे बोलने लगी की मैं ग़लत कर रहा हू और प्लीज़ ना जाओ बट मुझ पे सेक्स का भूत सवार था ..

मैं सुबह से नज़र बचा के उसके घर पहुच गया…उसने नाइटी ही पहनी हुई थी और क्या सेक्सी लग रही थी. अंदर आते ही मैने डोर लॉक कर दिया..वो किचन की तरफ बढ़ने लगी और मैं उसे पीछे से पकड़ लिया और बूब्स प्रेस और गर्दन पे किस करने लगा..वो हस्ते हुए बोली इतनी जल्दी भी क्या है अभी तो पूरा दिन है…मैं नही माना और किस करता रहा .अब वो भी घूम के मेरे साथ लीप किस करने लगी..वो पूरा रेस्पॉंड कर रही थी..क्या सॉफ्ट रसीले होट थे मैं बता नही सकता..5 मिनट किस के बाद वो किचन मे गई और मैं भी उसके पीछे.. वो आगे झुक के झाड़ू लगाने लगी मैं पीछे से उसकी मोटी गॅंड पकड़ के दबाने लगा..और फिर कमर पकड़ के अपना लंड उसकी गॅंड पे रगड़ने लगा..फिर से वो घूमी और मैं नाइटी के अंदर से बूब्स प्रेस करने लगा. उसने ब्रा नही पहनी थी और बिना कपड़ो के उसके बुब्स बहुत ही मस्त थे.. .अबतक वो भी पूरी गरम हो चुकी थी और मेरा लंड 6 इंच के लंड भी लोहे के रोड जैसा हो चुका था..

अब मैं उसे गोद मे उठा के बेडरूम मे ले आया और बेड पे लेटा के फिर से होट और गर्दन बेदर्दी से किस करने लगा और 1 हाथ से बूब प्रेस और दूसरे हाथ से चूत सहलाने लगा.. उसने पैंटी भी नही पहनी थी और चूत पूरी क्लीन शेव्ड थी… अब उसकी आखें बंद थी और बुरी तरह से सिसकिया ले रही थी..अब मैं उसकी नाइटी पूरी और अपनी पैंट , अंडरवेर भी उतार दिया…बिना कपड़ो के क्या माल थी आई कॅंट एक्सप्लेन…मैने अपना लंड उसके हाथ मे थमा दिया..वो बोली कितना बड़ा है..मेरे हज़्बेंड का इससे छोटा हैं. और सहलाने लगी.आ मैं उसके बूब्स बुरी तरह से रगड़ रहा था..और किस करते करते उसके चूत के पास आ गया और चूसने लगा वो बहुत तेज मोन करने लगी..कभी अपनी जीभ क्लाइटॉरियस पे रगड़ता कभी अंदर डालता.

अब मज़े से उसकी कमर अकड़ने लगी.मेरे सिर पकड़ के अपनी चूत पे दबानी लगी और अपनी गॅंड उठा के प्रेशर बढ़ाई. वो डिसचार्ज होने वाली थी तड़प्ते हुए बोलने लगी प्लीज़ अंदर डालो. और मैं अपना लंड उसकी चूत पे रख के दबाने लगा वो अपने हाथ से मेरे लंड को अपने चूत पे रखी और धक्का देते ही आधा लंड अंदर चला गया.

मैं उसे किस करने लगा और अपनी बाहों मे कस कर धक्का मारने लगा..वो सेक्स के नशे मे पागल हो रही थी और आँख बंद कर के मोन कर रही थी करीब 5 मिनट मे वो झड़ गई पर मेरे वायग्रा खाने की वजह से पूरा तना हुआ था और मैं धक्के लगाते रहा..10 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था तो वो बोली अंदर ही डाल दो …और मैने स्पीड बढ़ा दी ..कमर पकड़ के कस के शॉट मारे और वसेही लेटे रहे और 1 दूसरे को किस करते रहे..फिर 1 घंटे बाद वो किचन मे नंगे ही गई और चाय बनाई मैं पीछे से ही उसके बूब्स दबाते रहा और गर्दन पे किस..

दोनो नंगे ही अकेले घर मे घूम रहे ..बहुत प्यारी और एरॉटिक फीलिंग थी. फिर हम दोनो बाथरूम गए और साथ शोवेर मे 1दोनो को हग कर के 4प्ले करने लगे और दो राउंड बाथरूम मे किए… वो 5 बार डिसचार्ज हुई. .फिर वापस टॉवेल से 1दूसरे को पोछ के कपड़े भी पहनाए. 1 बज गया था और बच्चो के आने का टाइम भी.वो बोली “तुमने मेरे हनीमून की याद ताज़ा कर दी ..सालो बाद इतना मज़ा आया”,प्रोमिस करो तुम मेरा साथ कभी नि छोड़ोंगे ” मैं बोला ऑफ कोर्स कभी नही..आई लव यू एंड किस्ड हर..

मैं वापस आया तो देखा सब खाना खाने जा रहे थे..गुड़िया दूसरे कमरे मे बैठी थी.मुझे गुस्से से देखा और उसकी आँख मे आँसू थे……टू बी कंटिन्यूड.. इस कहानी के 2 पार्ट और है..अगली गुड़िया को कैसे चोदा. 3 फिर भाभी और गुड़िया को 1साथ..अगर स्टोरी पसंद आई तो मैल मी (अनसॅटिस्फाइड फीमेल्स ऑफ अल्लहाबाद कॅन ऑल्सो मैल मी कंप्लीट प्राइवसी विल बी केप्ट) [email protected] कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट्स मे ज़रूर लिखे, ताकि हम आपके लिए रोज़ और बेहतर कामुक कहानियाँ पेश कर सके – डीके