पानी के बहाने पड़ोसन की चूत का पानी निकाला

नहाने के बाद जैसे ही भाभी बाहर निकलीं तो उनका पैर मेरे छोड़े हुए माल पर चला गया. जब उन्होंने उस पर ध्यान दिया तो वो सारा माजरा समझ गयी और फिर बिना कुछ कहे अपने रूम में चली गयी…

हेलो दोस्तों, अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम बॉबी है और मैं राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला हूँ और मेरी उमर 26 वर्ष है. ये मेरी पहली कहानी है और उमीद करता हूँ कि आप सब को मेरी यह कहानी पसंद आएगी.

दोस्तों, अब मैं आप सब का ज्यादा टाइम न बर्बाद करते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ. बरसात के दिन थे मैं कुछ समान लेने बाजार गया था. मैं बाजार से घर आया ही था कि अचानक बरसात चालू हो गयी.

रात का टाइम था और आकर मैं अपने कमरे में बैठ गया और टीवी देखने लगा. तभी बारिश तेज हो गई और इस वजह से लाइट चली गयी. लाइट के जाते ही टीवी बन्द हो गई इसलिए हमारे पास वाले घर से कुछ आवाजें आने लगी.

आवाज सुन कर मैंने ऊपर जाकर देखा तो पड़ोस वाली पूनम भाभी चिल्ला रही थी. उनके कमरे में पानी जा रहा था और वो उसे निकालने की कोशिश कर रही थीं पर बरसात तेज थी. इस वजह से पानी निकल नहीं रहा था.

यह देख कर मैंने आवाज़ लगाई और पूछा कि भाभी मैं कुछ मदद करूं क्या? तो वे बोलीं कि आ जाओ काम थोड़ा आसान हो जाएगा. फिर मैं उनके घर चला गया. चूंकि बारिश काफी तेज हो रही थी, इसलिए वहाँ तक जाने में मैं पूरा भीग गया था

वहाँ जाकर मैं भाभी की मदद करने लगा, लेकिन फिर थोड़ी देर में ही बरसात भी कम हो गयी और हम दोनों नीचे आ गये. तभी मेरी नज़र भाभी के ऊपर गई. उनके मोटे – मोटे चूचे उनकी मैक्सी में से बाहर निकलते हुए रहे थे. वो पूरी तरह से भीग गयी थीं और उनका पूरा बदन ऐसे खिल रहा था जैसे गुलाब का फूल हो .

पीछे से देखने पर उनकी मोटी गांड ऐसे मटकती हुई लग रही थी जैसे बारिश में मोर नाच रहा हो. उनको इस तरह देखते ही मेरा लन्ड खड़ा हो गया.

दोस्तों, मैं आपको बताना भूल गया था कि पूनम भाभी के एक ही बच्चा है. उसकी उम्र 3 साल की है और उस समय वो खेल रहा था. भाई साहब यानी पूनम भाभी के पति भी उस समय घर आए नहीं थे. फिर मैं वापस आने लगा तो उन्होंने मुझसे कहा कि अभी रुक जाओ मैं चेंज कर लूँ तो चाय बनाती हूँ पीकर जाना. इस पर मैं रुक गया.

फिर वो चेंज करने बाथरूम में चली गईं. जैसे ही वो बाथरूम में गयी मैं उनके पीछे – पीछे चला गया और दरवाजे की दरार से देखने लगा. फिर जैसे – जैसे वो अपने कपड़े उतार रही थी वैसे – वैसे मेरा खड़ा लन्ड और तन रहा था.

तभी भाभी नहाने लगीं. उन्हें नहाते देख मैंने अपना लन्ड बाहर निकाला और उसे ज़ोर – ज़ोर से हिलाने लगा. थोड़ी देर बाद दरवाजे के बाहर ही मैंने अपना सारा माल छोड़ दिया और वापस आकर कुर्सी पर बैठ गया.

नहाने के बाद जैसे ही भाभी बाहर निकलीं तो उनका पैर मेरे छोड़े हुए माल पर चला गया. जब उन्होंने उस पर ध्यान दिया तो वो सारा माजरा समझ गयी और फिर बिना कुछ कहे अपने रूम में चली गयी.

थोड़ी देर बाद जब वो बाहर आई तो मैंने देखा कि लाल रंग की साड़ी पहने हुए भाभी और भी सेक्सी लग रही थी. उस साड़ी में उनके चूचे के निप्पल साफ दिख रहे थे. फिर वो मेरे पास आकर बैठ गईं और बड़े आराम से मुझसे बोलीं, “ये शरारत तुमने की है ना?” इस पर मैंने चुपचाप से हां कर दिया.

दोस्तों, मेरा बदन पूरा भीगा हुआ था और इस कारण मुझे सर्दी भी लग रही थी. तभी भाभी मुझे अपने कमरे में ले गईं और मुझसे लिपट कर मुझे किस करने लगी.

फिर उनका हाथ मेरे लन्ड पर पहुंच गया. मेरे लन्ड को पकड़ वो मुझसे बोली कि बॉबी तेरा लन्ड तो बहुत बड़ा है! आज मुझे इससे खेलना है.” और इतना कह कर उन्होंने मुझे अपने बेड पर पटक दिया और फिर मेरा लोवर उतार दिया. इसके बाद वो मेरे लन्ड को मुंह में लेकर चूसने लग गयी.

तभी मैंने उनको 69 की पोज़िशन के लिए बोला और फिर मैं उसकी गर्म चूत को चूसने लगा. जितनी तेज मैं उसकी चूत चाट रहा था उतनी ही तेज वो भी मेरा लन्ड चूस रही थी. करीब 15 मिनट की चुसाई के बाद उसने अपना सारा पानी मेरे उपर छोड़ दिया और फिर मेरे लन्ड को और तेजी के साथ चूसने लगी. थोड़ी देर बाद मैंने भी अपना माल छोड़ दिया, जिसे सारा का सारा वो पी गईं.

फिर मैंने उसको बेड पर पटक दिया और उसके गोल – गोल मोटे – मोटे चूचे चूसने लगा. अब उसके सब्र का बाँध टूट चुका था और वो मेरा लन्ड लेने के लिए बेताब हो चुकी थी. अब वो मुझसे बार – बार लन्ड डालने के लिए कहने लगीं.

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