प्यासी बुआ संग चुदाई की रंगरेलियां

कुछ देर तक हम लोग ऐसे ही लेटे रहे, फिर कुछ पल बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैंने बुआजी से कहा- मुझे दोबारा करना है.
बुआजी मान गईं, पर मैं इस बार उनके मुँह को चोदना चाहता था, इसलिए उनको मुँह में करने के लिए पूछा.

मैंने सोचा था कि बुआजी नहीं मानेंगी.. पर उन्होंने बिल्कुल मना नहीं किया. फिर मैं 69 की पोज़िशन में उनके ऊपर लेट गया. मैं अपनी दो उंगलियां उनकी चुत के अन्दर पेल दीं और अन्दर बाहर करने लगा. साथ ही बुआजी के मुँह में अपने लंड को डाल कर मैं उनके मुँह को जोर जोर से चोद रहा था.

कुछ ही देर में बुआजी ने फिर से रस झाड़ दिया, उधर मैं भी वैसे ही उनके मुँह में लंड किए जा रहा था. फिर थोड़ी देर बाद मैंने भी उनके मुँह में ही लंड झाड़ दिया और बुआजी मेरा सारा वीर्य बड़े आराम से पी गईं.
चुदाई के कुछ देर बाद तक हम लोग वैसे ही नंगे लेटे बातें करते रहे. बुआजी ने बताया कि चुदाई का इतना मजा उन्होंने आज से पहले कभी नहीं लिया.

उसके बाद से हम दोनों को जब भी मौका मिलता, हम लोग सेक्स कर लेते. दोस्तो हम लोग आज भी सेक्स करते हैं.

यह थी मेरी कहानी, जो बिल्कुल एक सच्ची घटना पे आधारित है.

आपको मेरी कहानी पसंद आई या नहीं, मेल करके जरूर बताएं.

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