राजस्थानी भाभी की चुदाई

मेरा नाम राज है मैं सीकर (राजस्थान) रहता हूं। मेरी उम्र 27 साल है, मेरी बॉडी एवरेज है। मेरे लण्ड का साइज 7 इंच है और मोटाई काफी अच्छी है।
मैं भाभियों को चोदने का शौक रखता हूं। तो एक भाभी को पटाकर मैंने कैसे चोदा, यह सेक्स कहानी पेश है।

मैं किराये के घर लेकर रहता हूँ, पूरा अलग मकान है तो किसी के दखल हस्तक्षेप जैसी कोई प्रॉब्लम नहीं है।

मेरे घर के सामने नया घर बना उस में नया परिवार आया। कुछ दिन तो निकल गये मेरे को भी समय नहीं मिला. लेकिन एक दिन संडे को मेरी नज़र उस सामने वाले घर में सामने वाली भाभी पर पड़ी।
उम्र तो उसकी काफी लग रही थी थी दोस्तो … पर क्या गज़ब बॉडी मेन्टेन थी। भाभी की उम्र लगभग 36-38 होगी पर बूब्स कुछ 34c और गांड 36 की तो होगी ही।
देखते ही मेरे मन में विचार आया यह माल रगड़ने को मिल जाये तो मजा आ जाए.

मैंने कई बार कोशिश की जाकर बात करने की … पर हिम्मत नहीं हुई। फिर मैंने सोचा कोई और तरीका अपनाया जाए।

उसके बाद मुझे जब वो दिखती तो मैं कभी अपना लण्ड खड़ा कर के घूमता और बिना शर्ट पहने भी घूमता … पर कोई सफलता नहीं मिली।

गर्मी का मौसम था तो मैं बाहर ही सोता था. एक रात मैंने सोचा कि सिर्फ अंडरवियर में सोता हूं, क्या पता मेरा लण्ड देख के ही पट जाये।
लेकिन यह करते करते भी बहुत दिन निकल गए, कुछ बात नहीं बनी तो मैंने सोचा अब कुछ नहीं हो सकता।

एक दिन सुबह मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि वो अपनी छत से मेरी चाट की ओर मुझे ही देख रही थी और उस वक्त मेरा लण्ड पूरा खड़ा था।
जैसे ही मैं उठ कर खड़ा हुआ, वो स्माइल कर के चली गई।

अब मुझे कुछ लगा कि जैसे अब हो सकता है कुछ … मैं हर रोज यही दोहराने लगा। यहाँ तक तो ठीक रहा पर इसके बाद बात कुछ आगे नहीं बढ़ रही थी।

एक दिन जब वो आयी तो मैंने उसके सामने लण्ड को निकाल के थोड़ा रगड़ के उसके सामने किया। उसने मेरे लंड का साइज देख कर ओके का इशारा किया मेरी तरफ … और चली गई।
उस दिन मैं जॉब पर नहीं गया, अब मैं मोके की तलाश में था।

उसके पति के काम पर जाने के बाद उसने लगभग 12 बजे एक बड़े पूरे पेज पर अपने फ़ोन नंबर लिख के उसको मेरे घर के गेट में फ़ेंक दिया।
मैंने वो पर्चा लेकर देखा और उसे कॉल किया तो पहले तो सामान्य बात हुई। उसने अपना नाम सीमा बताया। उसने कहा- मैं आपको कई दिनों से देख रही हूँ, आप मुझे बहुत देखते हैं।
मैंने कहा- आपको जिस दिन पहली बार देखा था तो तभी पसंद आ गई थी।
उसने कहा- मेरे में अब क्या है पसंद आने को … अब तो मैं 40 साल की होने वाली हूं।
मैंने कहा- उम्र लगती नहीं है आपकी इतनी … आप आज की लड़कियों को पीछे छोड़ते हो।

फिर धीरे धीरे बाते आगे बधाई तो मैंने कहा- आपका फिगर पसंद है मुझे … आप मुझे मौका दोगी सेवा का क्या?
मैंने कहा- मुझे लड़कियाँ कम पसंद हैं और एक्सपीरियंस औरत ज्यादा पसंद है।
उसने बताया- मैं 2 लड़कों से पहले चुदवा कर देख चुकी हूँ पर वो मुझे खुश नहीं कर पाए। आपके लण्ड को कई दिन से देख रही थी, इसे देख कर तो लग रहा है कि आप मेरी तसल्ली कर दोगे।
मैंने कहा- जी … आप एक मौका तो दो … मैं आपको एकदम खुश कर दूंगा।
उसने बोला- इतने उतावले मत होओ … सब्र का फल मीठा होता है। मेरे पति दिवाली टूर पर जाएंगे तो उस दौरान तुमको अच्छे से मौका दूंगी। ऐसे फटाफट वाली कच्ची पक्की, चलती फिरती, आधी अधूरी चुदाई मैं बिलुकल नहीं चाहती।

मैं मन ही मन बहुत खुश हो रहा था।

इस बीच हमारी बातें होती रहती थी. बातों के दौरान ही कभी उसने बताया था कि उसको ओरल सेक्स यानि चूत चटवाना और लण्ड चूसना बहुत पसंद है।
मैंने उसको कहा- ये तो मुझे भी पसंद है।

फिर कई दिन इंतज़ार के बाद वो दिन आ ही गया जिसका इन्तजार मैं काफी बेसब्री से कर रहा था और शायद उसे भी इस दिन की प्रतीक्षा होगी.
उसने कहा- आज रात को 11 बजे आ जाना ताकि गली मोहल्ले के लोग भी न देख लें।

मैं उस दिन जॉब से आने के बाद बाल वगैरह साफ़ कर के 10 बजे तैयार होकर बैठ गया। उसके बाद वो एक घंटा मैंने बड़ा मुश्किल से निकाला। ठीक 11 बजने से दो मिनट पहले ही मैं अपने घर से निकल गया और मैं सीधा उसके घर उसके दरवाजे पर पहुँच गया. उसने दरवाजा खोला, उसने लाल रंग की मैक्सी पहन रखी थी … बहुत कयामत लग रही थी वो।

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