रामु काका ने चुदाई सिखाया

जब रामु काका ऐसे ही इधर उधर की बाते करने लगे तो मैने भी अब सीधे मेन बात बोल डाली। मैने कहा, “रामु काका मैने आपको और दीदी को किचन में नंगी अवस्था मे देखा है। आप दोनों नंगे होकर किचन में क्या कर रहे थे?”

तब रामु काका मेरे पास आकर बैठ गए, और मेरे कंधे पर हाथ रखकर मुझे समझाने की मुद्रा में बोलने लगे, “देखो आशु बेटा, तुम्हारी यह जो मुनिया है ना यह दीदी को परेशान करती है, तो मै उसका इलाज कर देता हूं।”

ऐसा उन्होंने मेरी चुत की तरफ इशारा करते हुए कहा। मुझे वैसे तो उस दिन रामु काका का मुझे उस तरह छूना अच्छा लगा था।

तो मैने रामु काका से पूछ लिया, कि यहां क्या तकलीफ होती है, वह तो सिर्फ पीरियड्स के समय पर ही होती है।
तो रामु काका ने बोलना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा, “मै तो तुम्हे सब कुछ बता भी दूंगा और तुम कहोगी तो सीखा भी दूंगा। लेकिन यह बात सिर्फ हम दोनों में रहनी चाहिए।”

मैने भी हां कह दिया, तो रामु काका ने अपनी बात कहना शुरू कर दिया। वो पहले तो मुझसे पूछने लगे कि, उस दिन मैने तुम्हे छुआ था, तो तुम्हे कैसा लगा?
उसके बाद तुमने हम दोनों को नंगे देखा तो कुछ हुआ तुम्हे?

रामु काका धीरे धीरे अपने हाथ मेरी जांघों पर भी घुमा रहे थे। रामु काका के हाथ से मै अब चुदासी होने लगी थी। फिर रामु काका ने बातें करना बंद करके मेरे नाजुक से मुलायम होठों पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें चूसकर उनका रसपान करने लगे।

मै भी उनका पूरा साथ दे रही थी। अब रामु काका ने मेरा एक हाथ लेकर उनकी पीठ पर रखा और दूसरा हाथ लेकर उनके लंड पर रखवा दिया। अब तक हम दोनों ही बिस्तर पर बैठे हुए थे।

कुछ ही देर में रामु काका ने मुझे नीचे की ओर झुकाते हुए बिस्तर पर लिटा दिया, और मेरे सामने बैठकर अपने दोनों हाथों से मेरे स्तनों को जोर जोर से मसलने लगे।

अपने स्तन मसलवाकर मुझे भी मजा आ रहा था। उन्होंने धीरे धीरे अब मेरे टॉप को ऊपर उठाकर मेरे स्तनों को नंगा कर दिया।

मेरे स्तन नंगे होते ही उसे रामु काका ने अपने मुंह मे भर लिया और किसी छोटे बच्चे की तरह चूसने लगे।

अब वो मेरे स्तनों को चुसने के साथ साथ मेरी चुत को भी नंगी करने लगे थे। कुछ पलों के बाद ही रामु काका ने मेरी पैंटी भी निकाल दी और मुझे नंगी कर दिया।

अब उन्होंने मेरे स्तनों को छोडकर मेरी चुत को अपने मुंह मे भर लिया और चूसने लगे। कभी वो मेरी चुत के होठों को हल्के से काट देते, तो कभी अपनी जीभ मेरी चुत में घुसाकर इधर उधर घुमा देते।

उनके द्वारा मेरी इस चुत चुसाई में मै बहुत जल्द ही झड गई, मेरे झडने के बाद भी रामु काका ने मुझे नही छोडा। बल्कि वो मेरी चुत का सारा रस सफाचट कर गए।

फिर उन्होंने उठकर अपना लंड मेरे मुंह के सामने कर दिया। तो मैने भी उनके लंड को अपने मुंह मे ले लिया। तो उन्होंने मुझे लंड चूसने का तरीका बताया। फिर मै उनके बताए अनुसार ही कर रही थी।

लंड चुसाई के बाद रामु काका मेरे ऊपर आ गए, और मेरी प्यारी सी चुत पर अपना मूसल जैसा लंड रख दिया। फिर उन्होंने एक ही झटके में आधे से ज्यादा लंड मेरी चुत में उतार दिया।

दर्द के मारे मेरी तो चीख निकल गई, लेकिन उन्होंने मुझे संभाल लिया। फिर जो रामु काका ने चुदाई की, उसमे मुझे भी बहुत मजा आया। उसके बाद उन्होंने मुझे और भी बहुत सारी चीजें सिखाई, वो फिर कभी।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, कमेंट में बताइए। धन्यवाद।

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