रंडी बनकर चुदी

नमस्कार मित्रों मेरा नाम अंजली शर्मा है, और मै चंडीगढ की रहने वाली हूं। मेरी शादी को तीन साल हो चुके है, और मेरे दो बच्चे भी है। आज मै आपके सामने अपनी एक काल्पनिक कहानी लेकर आई हूं। इस कहानी में पढिए, कि हमेशा से ही मेरी किस तरह से चुदने की इच्छा थी, वो इच्छा मैने किस तरह से पूरी करके अपने पती और उनके दोस्त के साथ मजे लिए। यह पूरी कहानी मेरी एक कल्पना है, और बाकी इसका कहीं से भी किसी वास्तविक चीज से मेल नही है। कहानी पढने के बाद,आपको कैसी लगी, यह जरूर बताइए, मै आपकी राय का इंतजार करूंगी।
कहानी शुरू करने से पहले मै आपको अपने बारे में बता देती हूं। मेरा नाम अंजली है, और मेरे पती का नाम आशीष है। मै प्यार से उन्हें आशु बुलाती हूं, और वो मुझे अंजू। हम दोनों एक-दूसरे के साथ हंसी-खुशी जीवन बिता रहे थे। सब सही चल रहा था, हमारी सेक्स लाइफ भी मस्त चल रही थी। रोज सोने से पहले हम दोनों कम से कम एक बार तो चुदाई का खेल खेलते ही थे। उनका लंड भी मस्त था, मोटा सा, मूसल की तरह, जो मेरी चुत के अंदर जाते ही हाहाकर मचाना शुरू कर देता है।
हमारी शादी को तीन साल हो चूके थे, और इन तीन सालों में हमने हर तरीके से सेक्स कर लिया था। अब हम दोनों ही सेक्स में नयापन लाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन कैसे सेक्स में नयापन लाए, कुछ समझ नही आ रहा था। हम दोनों रात में सेक्स करते समय पॉर्न मूवी देखते है, तो एक दिन ऐसे ही देखते देखते उसमे एक लडकी को दो आदमी चोद रहे थे, वो भी एक साथ दो अच्छे बदन के मालिक। वो लडकी दर्द से तडपनी चाहिए थी, लेकिन उसे भी बहुत मजा आ रहा था। उस दिन तो सेक्स करते समय भी मै उसी के बारे में सोच रही थी।
तो अगले दिन रात में आशु मेरे पास आते ही मैने उन्हें बोल दिया कि, “अगर हम सेक्स में नयापन चाहते है, तो आपके किसी दोस्त को या किसी अनजान आदमी को यहां बुलाकर उसे भी हमारे साथ सेक्स में शामिल कर सकते है। जैसा हमने कल की पॉर्न मूवी में देखा था, लेकिन इससे तुम्हे कोई ऐतराज नही है ना?”
तो उन्होंने भी इसके लिए हां कह दिया। उन्हें भी मेरा यह आईडिया अच्छा लगा था, थ्रीसम करने का। तो उन्होंने भी इस बारे में सोचना चालू कर दिया। मुझे तो लग रहा था, आशु का कोई दोस्त इसके लिए मान जाए तो मजा आ जायेगा। उससे मै फिर कभी बाद में भी चुदवा सकती थी।
आशु ने भी बहुत सोचकर पहले किसी दोस्त से इस बारे में बात करने की ठान ली। अगले दिन ऑफिस से आने के बाद आशु मेरे पास आए, और मुझसे पूछने लगे कि, मुझे उनके दोस्तों में से कौन सबसे अधिक पसंद है? मैने तो कभी उनके दोस्तों को उस तरह से नही देखा था, तो मै बता नही पा रही थी। तो आशु ने तुरंत अपना फोन मेरे हाथ मे देते हुए कहा, “फोटो सलेक्ट करके रखना, मै फ्रेश होकर आता हूं।”
इतना कहकर आशु फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चले गए, और मै वहां बैठी बैठी उनके फोन से फोटोज देखने लगी थी। तभी मुझे उनका एक दोस्त अमन का जिम वाला फोटो दिखा। वो काफी बार हमारे घर पर आ चुका था, और उसकी अब तक शादी नही हुई थी। अमन का शरीर भी काफी तगडा था, वो रोज जिम जाकर अपने बदन पर मेहनत करता था। मुझे मेरे मन मे कहीं न कहीं लगने लगा कि, काश अमन आ जाए, और मुझे चोद दे। मेरे पती फ्रेश होकर बाहर आ गए, तो मै उनसे अमन के बारे में पूछने लगी। उन्हें भी लगा कि, मै उसको बुलाना चाहती हूं। तो पती ने ज्यादा देर न करते हुए, उसे फोन लगाया और कल डिनर के लिए इनवाइट कर दिया।
उस रात मै अपने पति में भी अमन को देखने लगी थी। उस रात बस अमन के खयालों से ही मै रोज के मुकाबले अधिक झडी। अमन दिखने में भी काफी हैंडसम था, उसका रंग रूप पूरा एकदम परफेक्ट था। जैसे तैसे करके अगला दिन भी आ गया। और शाम को आशु घर आते वक्त ही अमन को भी अपने साथ ही ले आए। अब अमन और आशु बैठकर हॉल में बातें कर रहे थे, और मै किचन में खाना बना रही थी। अमन को उकसाने का लिए क्या क्या तरीके काम आ सकते है, इनके बारे में ही मै सोचने लगी था। तभी आशु किचन में आए, और अचानक से मुझे चूंटी काट ली, जिस वजह से मेरी चीख निकल गई। मै काफी जोर से चिल्लाई थी, तो जाहिर बात है कि, अमन ने भी मेरी चीख सुन ही ली होगी।

आशु यह सब इसलिए कर रहे थे, ताकि जल्द ही अमन भी हमसे पूरी तरह से खुल जाए। मैने भी जल्द से जल्द खाना बना लिया, और फिर फ्रेश होने का बोलकर अपने कपडे लेकर नहाने चली गई। आखिर अमन को मुझे ही रिझाना था, तो उसके लिए अच्छे से तैयार होना ही था। तो जैसे ही मै बाथरूम गई, उधर आशु भी अमन से इधर उधर की बातें छोडकर मेन बात पर आ गया। वो उससे पूछने लगा कि, कैसे बिना गर्लफ्रेंड के मैनेज कर लेते हो? ऐसे ही बातों बातों में पता चला कि, अमन ने तो काफी रंडियों को चोदा है। मतलब अमन असली रंडीबाज था।
तो अब आशु को अपना रास्ता साफ दिख रहा था, लेकिन यह बात मुझे तब तक पता नही थी। तो मै नहाने के बाद, सिर्फ टॉवल लपेटे हुए ही उन दोनों के सामने से अपनी गांड मटकाते हुए, अपने कमरे में जाने लगी। मैने अमन पर ध्यान दिया तो उसकी नजर मुझ पर ही थी। वो मुझे ऐसे देख रहा था, जैसे अभी खा ही जाएगा। मतलब तीर सही निशाने पर लगा था। तो मैने और थोडे मजे लेने की सोचकर कमरे के दरवाजे पर अपनी टॉवल नीचे गिरा दी। और ऐसे जताया कि, गलती से गिर गई। अब मेरी पीठ और गांड उन दोनों के सामने नग्न अवस्था मे थी।
मैने भी कमरे में जाने की कोई जल्दबाजी नही की, और आराम से उनको अपने कूल्हों के दर्शन दे दिए। फिर कुछ देर बाद मै अपने कमरे में जाकर तैयार होने लगी, तभी दरवाजे पर अमन आया। अमन को देखकर मैने एक स्माइल दे दी, और जल्द ही आती हूं कहा। लेकिन वो तो कमरे में ही घुस गया, और मुझसे बोला कि, “आशीष तो कुछ काम के लिए बाहर गए है, उनके आने के बाद ही सब खाते है एकसाथ।”
यह सब बोलते वक्त उसकी आंखें मेरे उरोजों पर थी, वैसे भी मैने डीप नेक वाली नाइटी पहनी थी। तो वो मेरे उरोजों को आराम से देख सकता था। मै भी उसे अपने उरोजों को दिखाकर ललचाना चाहती थी। वो मेरे पास आकर खडा हो गया, और मुझे निहारने लगा। तो मैने उससे पूछा, “ऐसे क्या देख रहे हो?”
अमन बोला, “आशीष तो बहुत लकी है, आप जैसी पत्नी मिली है उन्हें। आप तो जमकर मजे करते होंगे दोनों।”
मै उसकी बातें सुनकर बस हंस दी। वो मेरे एकदम करीब आ चुका था, और उसने बिना मुझे कुछ समय दिए मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उसकी इस हरकत से मै खुश भी हुई और हैरान भी। लेकिन उसे रोकना तो मेरा फर्ज बनता था। मैने उसे रोका तो वो बोला, “आशु ने मुझे सब बता दिया है, अब बस तुम मजके लेती रहो, वो आता ही होगा।”

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