रसोई में मेरे साथ सोई मामी

फिर हम दोनों किचन में चले गए. वहां जाते ही मामी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और जोर – जोर से किस करने लगीं. अब मैं भी मामी को जोर – जोर से किस करने लगा…

नमस्कार दोस्तों, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और मेरी बहुत दिनों से इच्छा थी कि मैं भी अपनी कहानी लिखूँ और आप लोगों के साथ शेयर करूं लेकिन ज्यादा वक्त नहीं मिल पा रही थी. आज जब मुझे फुरसत मिली तो मैं अपनी कहानी आप लोगों के साथ साझा करने जा रहे हैं.

दोस्तों, मैं 27 साल का एक स्वस्थ और नौजवान युवक हूँ. ये मेरी सच्ची कहानी है. इसमें कुछ भी झूठ नहीं है.

मेरी मामा की शादी 1996 में हुई थी. तब मैं बहुत छोटा था. लेकिन न जाने क्यों मैं मन ही मन मामी को बहुत चाहता था. चूंकि, मैं बहुत छोटा था तो किसी ने नोटिस नहीं किया.

जब भी मैं मामा के यहाँ जाता था तो मामी को किश करने से नहीं चूकता था. कुछ दिन बाद मेरे मामा – मामी पुणे में सेटल हो गए थे. उनके 3 बच्चे हैं. जिनमें 2 लडकियां और एक लड़का था.

इसके बावजूद न जाने क्यों मामी को प्यार करने की एक अजीब सी हसरत मेरे अंदर थी. जो कभी ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी.

मुझे एक बार अपने काम के सिलसिले में पुणे जाना था और जब जाने का प्लान कन्फर्म हो गया तो मैंने सोचा कि अब जब जा ही रहा हूँ तो मामा के यहाँ भी कुछ दिन रुक लूंगा. यही सोच कर मैंने वहां से 3 दिन बाद का वापसी का रिजर्वेशन करा लिया और खुशनसीबी यह रही कि मुझे सीट भी कन्फर्म मिल गई थी.

फिर जब मैं मामा के यहाँ पहुंचा तो पता चला कि मामा कंपनी के काम से किसी टूर पर बाहर गए हैं. इस कारण उनसे मेरी मुलाकात नहीं हो पायेगी. यह सुन कर मुझे थोड़ा सा दुःख हुआ, लेकिन साथ ही अंदर से ख़ुशी भी हुई कि चलो, मौका सही है हो सकता है बात बन ही जाए.

जब मैं मामा के घर पहुंच गया तो मामी ने बड़े ही गर्म जोशी से मेरा स्वागत किया. उनके बच्चे भी उस दिन मुझे देख कर बड़े खुश हुए. उस दिन शाम को मैं बच्चों के साथ घूमने के लिए बाहर गया. फिर मैं वापस आया और खाना खाया और सो गया.

उस दिन कुछ भी नहीं हुआ. किसी भी तरह की शुरुआत करने में मैं डर रहा था. मुझे लग रहा था कि कहीं मामी बुरा मान गईं और किसी से बोल दिया तो फिर मैं किसी को क्या मुंह दिखाऊँगा.

मैं यही सोचता रहा और इसी तरह सोचते – सोचते पूरी रात बीत गयी. फिर अगले दिन मैंने सोचा कि अब कुछ तो करना पड़ेगा ऐसे काम नहीं बनेगा. और मामी – भांजे में मजाक तो वैसे भी चलता ही रहता है.

फिर इसी चक्कर में मैंने मौका देख कर अगले दिन मामी को किस कर लिया. इस पर मामी ने कुछ नहीं बोला. उस समय तीनों बच्चे बाहर खेल रहे थे.

थोड़ी देर बाद मामी किसी काम से किचन में गईं तो मैं भी पीछे – पीछे अंदर चला गया और वहां पर मैंने मामी को पीछे से पकड़ लिया और अपनी तरफ घुमाकर लिप टू लिप किस करने लगा. मेरे जवाब में मामी ने किस तो किया फिर बोलीं, चलो छोडो बच्चे आ जाएंगे तो क्या सोचेंगे.

उनके मुंह से यह बात सुन कर मैंने मन ही मन सोच लिया कि मन से तो वो भी यही चाहती हैं लेकिन शायद शरमा रही हैं. फिर रात को हमने खाना जल्दी खा लिया और बैठकर टीवी पर सीरियल देखने लगे. टीवी ड्राइंग रूम में लगा था.

उनकी एक लड़की मामा की कुर्सी पर बैठ कर टीवी देख रही थी. बाकी के दोनों बच्चे साइड में रखे एक छोटे से बेड पर बैठे थे. मैं और मामी बड़े बेड पर बैठ कर टीवी देख रहे थे.

फिर मैंने मौका देख कर धीरे – धीरे मामी की पीठ पर हाथ फेरना शुरू किया, जिसका मामी ने कोई विरोध नहीं किया. मुझे लगा कि मामी भी अब कुछ गरम हो रही हैं लेकिन बच्चे अभी जग रहे थे, इसलिए जुच नहीं हो सकता था.

जब सीरियल ख़त्म हुआ तो बड़ी वाली लड़की अपने रूम में सोने चली गयी. थोड़ी देर बाद मामी वाले बेडरूम में मामी अपने लड़के के साथ सोने के लिए चली गईं. और फिर वहां रखे छोटे वाले बेड पर उनकी बच्ची सो गयी.

यह देख कर मैंने मामी को बात करने के लिए बाहर बुला लिया. फिर बड़े वाले बेड पर बैठ कर हम बात करने लगे. बात करते – करते मैं लगातार मामी की पीठ को सहला रहा था. थोड़ी देर पीठ सहलाने के बाद फिर अचानक से मैं मामी को जोर – जोर से किस करने लगा.

अब किस करते – करते जब मैं मामी के कपड़े निकालने लगा तो मामी बोली, “यहाँ नहीं.” तब मैं मामी से बोला कि आपके रूम में तो चिंटू सो रहा है. दोस्तों, मैं आपको बताना भूल गया कि मामी के लड़के का नाम चिंटू है. मेरी बात सुन कर मामी बोलीं कि किचन में चलो.

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