सफर में पहचान हुई भाभी को होटल में चोदा

सभी दोस्तों, भाभियों को मेरे खड़े लंड का प्यार भरा नमस्कार. दोस्तो, मैं सुंदर महाराष्ट्र से हूं. मेरी उम्र 46 साल है और मैं शादीशुदा हूँ. मैं दिखने में गोरा और स्मार्ट हूँ तथा मेरा शरीर कसरती होने के साथ 5’10” ऊंचा है. मैं डेली योगा, रनिंग और काफी एक्सरसाईज भी करता हूँ. लंड 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटे पाइप जैसा जाड़ा है. मेरे खुद के बड़े उद्योग, रिअल इस्टेट व्यवसाय, गाड़ियां, नौकर एवं बड़ी प्रतिष्ठा है. मुझे नेट से फीमेल फ्रेंडशिप करना बहुत अच्छा लगता है.

मेरे शहर में मुझे बहुत मौके आए परंतु शहर में ज्यादा पहचान के वजह से और पत्नी के अलावा दूसरी लड़की या औरत की तरफ ध्यान देने का साहस नहीं हुआ और अपने शहर में मैं दूसरी का मजा ले नहीं सका.

मैं विगत आठ दस माह से अन्तर्वासना का पाठक हूँ. यहां एक से बढ़ कर एक चुदाई की कहानी पढ़कर मुझे बड़ी उत्तेजना जागती है. अन्तर्वासना के लेखकों की हिम्मत को जानकार, मैंने भी मेरी जिंदगी में हाल में हुई एक सत्य घटना को प्रस्तुत करने का मन हुआ.

गत वर्ष मैं मेरे व्यावसायिक काम के चलते कर्नाटका एक्सप्रेस से दिल्ली जाने के लिये मनमाड़ स्टेशन से सेकंड ए सी में शाम चार बजे बैठा. इस केबिन में मेरी ऊपर वाली बर्थ थी, सफर करीब बीस घंटे का था इसलिए खाने के लिए घर का टिफिन साथ में था. मूड बनाने के लिए मैंने थम्सअप की बोतल में टीचर्स 50 व्हिस्की के दो पैग मिलाए हुए थे. मैं ट्रेन में चढ़ा आर सीधा अपनी बर्थ पर जाकर व्यवस्थित होते ही दस मिनट में ही थम्पसअप को पी लिया और तुरंत सो गया.

स्टेशन से मेरे केबिन में और तीन लोग थे. दो महिलाएं और एक आदमी भी मनमाड़ से ही बैठे थे लेकिन मैंने उन पर उतना अधिक ध्यान नहीं दिया था.

रात 7.30 बजे मैं उठा, ऊपर बर्थ पर ही मेरा टिफिन खोला और खाना खाकर फिर सो गया.

सुबह जब उठा तो मथुरा स्टेशन आ गया था. मैं नीचे आया तो एक आदमी पहले ही किसी स्टेशन पर उतर गया था और अब नीचे वे दोनों लेडीज बैठी थीं.

मैंने देखा कि उनमें से एक तो बला की खूबसूरत थी.. और दूसरी थोड़ी काली, मोटी सी थी. दोनों की उम्र 40-42 के आसपास होगी. मैंने दोनों से बातचीत शुरू की, तो समझ में आया कि वे दोनों फ्रेंड हैं तथा दिल्ली से है. अभी शिर्डी, शनी शिंगणापुर दर्शन के लिये गयी थीं. वे दोनों मनमाड़ से ही ट्रेन में बैठी हैं. खूबसूरत वाली ने अपना नाम सरिता (बदला हुआ) बताया. उसने टाईट पंजाबी ड्रेस पहना था. सरिता मुझसे बहुत बातें कर रही थीं. उसके सूट से उसके मम्मों का, बॉडी का साईज साफ झलक रहा था. उसका फिगर 32-28-34 का होगा. मैं उसकी फ्रेंड से भी थोड़ी बहुत बातें कर रहा था.

उन्होंने बताया वो लोग साल में दो तीन बार बाबा के दर्शन के लिये शिर्डी आते हैं. चूंकि शिर्डी में मेरी काफी पहचान है, जिससे उधर दर्शन करने या रुकने के काफी मदद मिल सकती थी, तो सरिता ने झट से मेरा मोबाईल नंबर एक्सचेंज कर लिया.

फिर सुबह 9 के करीब निजामुद्दीन पर वे दोनों उतरने लगीं, तो सरिता ने थोड़ा पीछे रहकर सेक्सी स्माईल देकर बाय-बाय किया. मैंने भी उसी अंदाज में रिप्लाय कर इशारों से ही फोन करने का कहा.

फिर मैं भी नई दिल्ली स्टेशन पर उतर कर होटल गया और अपने काम कर वापस लौट गया. शायद मैं उसे भूल गया, लेकिन तीन दिन बाद सरिता का मुझे कॉल आया. उससे बहुत सारी बातें हुई. उसने बताया कि उसे एक लड़का और एक लड़की है, जो स्कूल और कॉलेज में हैं. दो साल पहले उसके पति का हार्ट अटॅक से देहांत हो गया था, जो बैंक में मैनेजर थे. पति के देहांत के बाद काफी रकम उसके नाम पर हो गई थी, राजौरी गार्डन इलाके में उसकी खुद की बिल्डिंग है और खुद भी वहीं रहती है. उस बिल्डिंग से बड़ी मात्रा में किराया आता है. उस दिन के बाद हमारी बहुत बार मोबाईल पर बातें हुई और मैं जान गया कि वह मुझे चाहने लगी है.

एक दिन मैंने उसे आय लव यू बोल दिया तो उसने मुझे वह उसकी फ्रेंडशिप के लिये हामी भर दी. उसने मुझसे कहा कि वो मुझसे सिर्फ बातचीत तक ही फ्रेंडशिप रखेगी लेकिन साथ में ही उसने मुझे दिल्ली आने का भी न्योता दिया.

मैं जान गया कि ये चुदना तो चाहती है, पर डर रही है. मैंने उससे कहा- मैं एक शर्त पर दिल्ली आऊँगा, हम दोनों होटल के कमरे में व्हिस्की का मजा लेंगे, ढेर सारी बातें करेंगे और मैं तेरे घर का बनाया हुआ खाना खाऊँगा जो तू मेरे लिए टिफिन में लाएगी. मैं तेरे साथ कोई भी हरकत, तेरी मर्जी के खिलाफ नहीं करूँगा.

सरिता मान गई और दो दिन बाद मैं सुबह की फ्लाईट से 10 बजे दिल्ली एअरपोर्ट जा पहुंचा.

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