सालों से प्यासी बीवी की चोदाई

और हमारे बीच कुछ जान पहचान की बातें होने लगी. कुछ देर बाद देविका भी आ गयी, मैंने उनको दोनों से मिलवाया, दोनों औरतें आपस में बात करने लगी और मैं और घोष बाबू पार्टी से थोड़ा अलग हो गए और मदिरापान की महफ़िल की तरफ चले गये. एक एक पैग के बाद हमारे बीच कुछ पर्सनल बातें भी हुई.

घोष बाबू- अच्छा सर, एक बात पूछूँ, आप और देविका मैडम एक दूसरे से काफी घुल मिल के बातें करते हो मानो वो आपकी पत्नी हो. मैं काफी देर से आप दोनों को नोटिस कर रहा था, मुझे लगा वो आपकी पत्नी होंगी।
मैं- अब आपसे क्या छुपाऊँ! हाँ, मैं और देविका हमेशा एक साथ ही रहते हैं, हम दोनों की फॅमिली यहाँ से दूर है तो दोनों एक दूसरे का ख्याल रखते हैं और एक दूसरे की जरूरत पूरी करते हैं।
घोष बाबू- मतलब आपने उनके साथ?
मैं- जी हाँ, आप सही सोच रहे हैं, हम दोनों के बीच शारीरक संबंध भी हैं।

घोष बाबू- क्या बात है सर … आपको इस उम्र में भी इन सब चीजों में इंटरेस्ट है।
मैं- इसमें उम्र की क्या बात है, इस उम्र में तो सेक्स करने में और भी मजा आता है. क्यों आप नहीं करते क्या? आपकी उम्र भी तो 55 साल पार ही होगी, ऊपर से आपकी मैडम भी रूप की धनी हैं।
घोष बाबू- अरे कहाँ सर, कितने साल हो गए ये सब किये हुए … अब तो बस बिज़नस में ध्यान रहता है।
मैं- ये तो बहुत गलत बात है. आप सिर्फ़ अपने बारे में कैसे सोच सकते हैं, मोहिनी जी आपकी पत्नी है, थोड़ा रोमान्स लाइये अपनी जिंदगी में, उनकी इच्छा जानिए, किसी दंपति की जिंदगी में प्यार के साथ सेक्स लाइफ भी अच्छी होनी चाहिए. नहीं तो वो अपनी जरूरत किसी और में ढूँढने लगते हैं. माफ़ी चाहूँगा ऐसा मेरा मानना है।

घोष बाबू- बात तो आपकी बिल्कुल सही है. पर क्या करूँ … आज देखता हूँ कोशिश करके … कहीं आपकी बात सही तो नहीं. क्या पता शायद उसे सेक्स की जरूरत हो।
मैं तो जानता था ही कि मोहिनी कितनी प्यासी होगी क्योंकि मैं भी अब उसके संपर्क में नहीं था.
चलो यह काम तो मैंने ठीक कर दिया।

मैं- ठीक है घोष बाबू, आशा करता हूँ आज आपकी रात अच्छे से गुजरे! और एक बात … सेक्स की कोई गोली खा लीजियेगा, क्या पता जरूरत पड़ जाए… हे हे हे।
घोष बाबू- अरे जरूर सर, थंक्स फॉर दी सजेशन, आपको जरूर बताऊंगा कि रात कैसी गुजरी।

फिर हम दोनों ने एक दूसरे को अपना नंबर दिया और थोड़े नशे की हालत में हम दोनों अपनी आइटम के पास आ गए. जाते ही घोष बाबू ने बड़े रोमांटिक अंदाज में मोहिनी जी की कमर में हाथ डाला और एक प्यारी सी पप्पी उनके गाल पर दे दी।

मोहिनी जी- क्या बात है जी, आज बड़े रोमांटिक मूड में हो? ऐसी क्या बातें हो गयी आप दोनों के बीच में प्रधान जी?
मैं- कुछ नहीं भाभी जी, बस आपके पति देव को आपको खुश रखने की कुछ टिप्स दे रहा था।
मोहिनी जी- अच्छा जी, काश आपकी संगत का थोड़ा असर इन पे भी हो जाये।
घोष बाबू- क्यों डार्लिंग, मैं तुम्हें खुश नहीं रखता क्या?
मोहिनी जी- आप नहीं समझोगे जी, हर खुशी पैसों से नहीं खरीदी जाती।
घोष बाबू – ठीक है मेरी जान, आज से में तेरी हर कमी पूरी कर दूँगा.
नशे की हालत में थोड़े लड़खड़ाये शब्दों में उन्होंने कहा.

पार्टी भी समाप्त होने को थी, सभी ने डिनर किया, एक दूसरे को गुड बाय किया और अपने अपने घर को निकल पड़े.

अगले दिन मुझे शाम को घोष बाबू का फ़ोन आया- हेल्लो प्रधान सर, घोष बाबू हियर!
मैं- ओ हेल्लो घोष बाबू, नमस्कार नमस्कार … और कैसे हैं?
घोष बाबू- सर, सब बातें फ़ोन में ही करेंगे क्या? आपसे मिल के बात करूँगा, कहाँ हैं आप?
मैं- बस निकल ही रहा था मार्केट की ओर …मिलिए वहीं!

और उन्होंने मुझे मार्केट से पिक किया और बैठक के लिये बार पहुँचे, फिर कुछ एक पैग के बाद उन्होंने अपनी रात की कहानी सुनाई।

कुछ बातों को मैंने थोड़ा संक्षिप्त में लिखा है ताकि कहानी थोड़ी मजेदार लगे. तो आइये जानते हैं घोष बाबू की जुबानी कि उनकी रात कैसे गुजरी।

पार्टी खत्म होने के बाद हम घर के लिए रवाना हो गए, मैंने गाड़ी एक मेडिकल स्टोर पर रोकी और स्टोर में दुकानदार से सेक्स स्टेमिना वाली कुछ गोलियाँ और कॉन्डम मांगे. उस वक़्त रात के करीब 9:30 हो रहे थे और स्टोर पर भी दुकानदार के अलावा कोई नहीं था.
मेरे टेबलेट मांगने पर दुकानदार ने पहले तो मुझे बड़े गौर से देखा फिर मेरी कार की ओर देखा, दुकानदार मेरा हमउम्र ही था, इस पर मैंने उसे कहा- भाई जी, वो मेरी पत्नी है, कोई कॉल गर्ल नहीं।
दुकानदार- अरे नहीं नहीं साहब, ऐसी कोई बात नहीं है, बस खुश रहिए और जिंदगी के मजे लीजिये सर!

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