संध्या मेडम की चूत का रस

हेलो दोस्तो मेरा नाम हनीप्रीत है और मैं किशमीर की रहने वाली हूँ. मेरी उमर 19 साल है और मैं अभी स्टडी कर रही हूँ.

मेरे घर मे मैं और मेरे मम्मी पापा है. मेरे पापा एक गवर्नमेंट जॉब करते है. पर उनकी जॉब गवर्नमेंट होते हुए भी एक तरह से प्राइवेट है. क्योकि उनकी सॅलरी बहोत कम और सब से बड़ी दिक्कत ये है की उनकी ट्रान्स्फर हर साल हो जाती है.

जिस वजह से हम हर साल दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ता है. दूसरी जगह शिफ्ट करने के चक्कर मे मेरी स्टडी का बहोत ज़्यादा नुकसान होता है. मैं अभी **त क्लास मे हूँ. और अगर मैं एक ही स्कूल मे पढ़ती तो आज मैं कॉलेज के 2न्ड ईयर मे होती.

ये सब मेरी पापा की जॉब की वजह से हुआ है. मुझे इस बात से बहोत ज़्यादा घुस्सा आता है. पर मेरी मम्मी बहोत अच्छी है वो मुझे बहोत अच्छे से समझाती है. जिस वजह से मैं अपना घुस्सा आसानी से शांत कर लेती हूँ.

पापा की सैलरी का बहोत बड़ा हिस्सा तो मकान के किराए मे निकल जाता है. और उप्पर से घर के भी खर्चे और मेरे स्कूल के भी काफ़ी खर्चे होते है. मैं अपने घर की कंडीशन को बहोत अच्छे से समझती हूँ. इसलिए मैं 2-2 साल बाद कोई एक या दो नये सूट लेती हूँ.

दोस्तो मैं बहोत ज़्यादा ग़रीब फैमिली से हूँ. आप यकीन नही करेगें की मैने 20 साल की उमर तक ब्रा पैंटी नही पहनी थी. क्यो वो महगी होती है और ना ही मेरी मम्मी ब्रा पैंटी डालती है.

मेरी मम्मी ने घर मे ही पुराने कपड़े से एक मेरे लिए छोटा सा अप्रोन सिला हुआ है. जो मेरे सिर्फ़ बूब्स को ही कवर करता है. पर वो कपड़ा बहोत पतला होता है जिस वजह से मेरे बूब्स के निप्पल्स उनसे छिप नही पाते. दोस्तो मुझे माफ़ करना मैने अभी तक आप को अपने बारे मे नही बताया की मैं दिखने मे कैसी हूँ.

दोस्तो ये कहानी जब की है जब मैं 20 साल की थी. तो उस टाइम मेरा फिगर 34-32-36 था. हां दोस्तो मेरे बूब्स का साइज़ 34 था आप सोचते होंगे की इस उमर मे 34 साइज़ थोड़ा सा अजीब है. पर दोस्तो ये सच है मेरे बूब्स सच मे 34 के थे और अब तो ये 36 के हो गये है.

मेरे बूब्स शुरू से ही ग्रो करने लग गये थे. इस लिए इनका साइज़ ज़्यादा है, मेरा रंग गोरा है और मैं दिखने मे सेक्सी हूँ. मेरी गांड भी अच्छी है पर मैं स्कूल मे स्कृत डालती हूँ जो की काफ़ी खुली है जिस वजह से मेरी गांड ज़्यादा दिखती नही.

पापा की जॉब के चक्कर मे मैने कही क्लास मे मेरे 2-2 साल लगे है. आप यकीन नही करेगें की मैने 8त क्लास मे 3 बार मे पास आउट करी. क्योकि हर साल फाइनल एक्साम्स से पहले ही पापा की ट्रान्स्फर हो जाती थी. और मुझे स्कूल इसी वजह से छोड़ना पड़ता था.

अब की बार मैं **त क्लास मे हूँ. और पिछले 2 साल से पापा की ट्रान्स्फर भी नही हुई. जिस वजह से अब मैं पानीपत के बहोत अच्छे स्कूल मे पड़ती हूँ. पर मैं क्लास मे सब से बड़ी हूँ. और मेरे स्कूल मे ज़्यादातर टीचर्स फीमेल ही है.

मुझे पूरे स्कूल के टीचर बहोत प्यार करते है. क्योकि मैं बहोत ही स्वीट सी लड़की हूँ. मुझे टीचर्स ने मेरी क्लास की मॉनिटर बना दिया था. क्योकि मैं एक तो दिखने मे भी बड़ी थी और पढ़ने मे भी सब से आगे थी. पर मुझे मेरी गिरीबी मार रही थी. गर्मियो के दिन थे और गर्मी की वजह से मेरा अप्रोन भीग जाता था. और मेरे मोटे मोटे बूब्स के निप्पल्स बाहर आ जाते थे. और मेरे निप्पल्स पर सब की नज़र रहती थी. दोस्तो सच मे मेरे निप्पल्स काफ़ी ज़्यादा बाहर आए हुए थे.

एक दिन की बात है मैं क्लास मे बैठी इंग्लीश की क्लास अटेंड कर रही थी. इंग्लीश की टीचर हमारी संध्या मेडम थी. वो हमारी क्लास की हेड थी और हमारी एच.ओ.डी भी थी. उनकी उमर 30 थी और वो अपने घर मे अकेली रहती थी. क्योकि उनके बच्चे होस्टेल मे थे और उनके पति दुबई मे काम करते थे. संध्या मेडम एक दम जवान लड़की लगती थी, कोई भी उन्हे देख कर नही कह सकता था की इनके 2 बच्चे है. सच मे दोस्तो उनके 34 के बूब्स मेरे बूब्स से भी ज़्यादा मस्त थे.

क्योकि उनके बूब्स एक दम स्ट्रेट और हुमेशा खड़े रहते थे. उस दिन क्लास ख़तम होने के बाद संध्या मेडम ने मुझे अपने रूम मे आने को कहा. मैं उनके पास गई तो उन्होने मुझे अपने पास बिठा लिया. और उस टाइम उनके रूम मे कोई भी नही था ये देख कर मैं बहोत घबरा गई की ऐसी कौन सी बात है.मेडम ने मुझे अपने पास बिठा कर पूछा की हनी क्या बात है तुम नीचे ब्रा क्यो नही डालती. क्या तुम्हे नही पता की तुम्हारे बूब्स के निप्पल्स कितने ज़्यादा बाहर आ रहे है.

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