संध्या मेडम की चूत का रस

मैं मेडम से पहले इस बारे मे माफी माँगी और कहा मेडम क्या करूँ मेरे पास ब्रा नही है. तो मेडम ने मुझे कहा कोई बात नही आज तुम मेरे घर आ जाना जब स्कूल की छुट्टी होगी ओके. मैं भी ओके कह कर वापिस क्लास मे आ गई. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

और फिर जैसे ही स्कूल की छुट्टी हुई तो मैं जल्दी से मेडम के घर की तरफ चल पड़ी. कुछ ही देर मे मैं मेडम के घर आ गई. मेडम भी जस्ट अभी ही घर आई थी. उन्होने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और फिर कुछ देर बाद मुझे अपने बेडरूम मे आने को कहा.

उन्होने मुझे अंदर आते ही कहा हनी चलो अपनी शर्ट उतार दो. मैं एक दम घबरा गई उनकी ये बात सुन कर. तो वो बोली डरो मत मैं तुम्हे अपनी कोई पुरानी ब्रा देने वाली है. इसलिए प्लीज़ अपने बूब्स एक दम नंगे कर लो. और डरो मत यहा पर हम दोनो के सिवा और कोई नही है.

उनकी ये बात सुन कर मै उप्पर से पूरी नंगी हो गई. मेडम ने मुझे 4 ब्रा दी अपनी पर उनमे से मुझे एक ब्रा फिट नही हुई. तो मेडम मेरे पास आई और मेरे बूब्स को अपने हाथ मे ले कर बोली. तेरे बूब्स है तो 34 के ही पर ज़्यादा फैले हुए है इसलिए फिट नही आ रहे है.

कोई बात नही तुम मेरे साथ कल स्कूल के बाद मार्केट चलना मैं तुम्हे नयी ब्रा और पैंटी दिला दूँगी. अच्छा पैंटी तो है ना तुम्हारे पास. मैने अपना सिर शरम के मारे नीचे कर लिया और ना मे सिर हिला दिया. मेडम ने मेरी स्कर्ट उप्पर करी तो मैने एक खुला सा शॉर्ट डाला हुआ था. मेडम देख कर बोली कोई बात नही मैं तुम्हे कल नयी ब्रा और पैंटी दिला दूँगी ओके.

पर मेरे पास कोई पैसे नही है मैने ये भी साथ ही मेडम को कह दिया. फिर मेडम ने खा मुझे पता है. अगर तूमे मेरे पैसे देने है तो कल से रोज शाम को मेरे घर आ जाया करो मेरे थोड़े काम कर दिया करो. मैं समझ लूँगी की तुमने मेरे सारे पैसे दे दिए है. मुझे मेडम का ये आइडिया सच मे बहोत पसंद आया. मैं झट से मेडम को हाँ कर दिया.

फिर मैं वाहा से अपने घर आ गई और अपनी मम्मी को सारी बात बता दी. मम्मी ने मुझे उनके घर जाने के लिए हाँ कह दिया. मैं अगले दिन स्कूल गई और स्कूल ख़तम करने के बाद मै उनके साथ मार्केट मे चली गई. मेडम ने मुझे 4 सेट ब्रा और पैंटी दिला दी मैं आज सच मे बहोत खुश थी. मैं जल्दी से घर गई और मम्मी को सब कुछ दिखाया. मम्मी भी बहोत खुश थी, आज से मैने मेडम के घर काम करने के लिए जाना था.

शाम को मैं 5:30 बजे अपने घर से निकली और 6 बजे तक मेडम के घर पहोच गई. मेडम ने मुझे सोफे पर बिठाया और मुझे पानी पिलाया. मैने मेडम से कहा बोलिए मेडम क्या करूँ. मेडम बोली अरे यार मैने अभी तो सारा काम कर दिया है. तुम एक काम करो आज तुम मेरी मालिश कर दो आज मेरी गर्दन दर्द कर रही है. मैने कहा ठीक है मेडम आप लेट जाओ, फिर मेडम बेडरूम मे चली गई और लेट गई.

मैं उनके पास क्रीम ले कर उनके पास बैठ गई. मैने उनके सीने पर मालिश हल्के हल्के करने लग गई. कुछ देर बाद मेडम बोली अगर तुम्हे दिक्कत हो रही है तो मैं अपनी मेक्सी उतार देती हूँ. मेडम ने झट से अपने कपड़े उतार दिए. अब वो मेरे सामने उप्पर से पूरी नंगी हो गई है. मैने ऐसे टाइट बूब्स पहली बार देखे थे. फिर मैने उनके बूब्स की मालिश करना शुरू कर दिया.

मेडम का जिस्म कुछ ही देर मे गरम होने लग गया. मुझे सच मे बहोत मज़ा आने लग गया. मैने ना चाहते हुए बूब्स के निप्पल्स को अपनी उंगलियों से मसल रही थी. मेडम के मूह से आहह आहह की मस्त आवाज़ आने लग गई थी.

उसके बाद मेरा मूह अपने आप ही मेडम के बूब्स के उप्पर आ गया और मैं अपने आप मेडम का बूब्स चूसने लग गई. मेडम और मैं अब दोनो मस्त होने लग गये. उसके बाद मेडम ने मेरा सिर पकड़ा और अपना बूब्स मुझसे चुसवाने लग गई.

मैं मस्ती मे मेडम का बूब्स चूसने लग गई. फिर कुछ देर दोनो बूब्स चूसने के बाद. मेडम ने मुझे नीचे की और जाने का इशारा किया. मैं उनकी चूत के पास गई तो मैने देखा की उनकी पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी. उसमे से बहोत ही मदहोश करने वाली खुश्बू आ रही थी.

जिससे मैं पागल सी हो गई. मैने झट से मेडम की पैंटी नीचे करी और उनकी गुलाबी चूत को चाटने लग गई. मेडम चूत चटवाते हुए पूरी तरह से मचलने लग गई. मैं अभी पूरी मस्त हो कर ज़ोर ज़ोर से उनकी चूत चाट रही थी.

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