सर्दी के मौसम में भाई ने गर्म करके चोदा

मैं भी मजे ले ले कर चुदवा रही थी। वो जोर जोर से अपना लंड मेरी चूत फाडने लगे। मै अपनी अंगुलियों से चूत को मसलते हुए मसाज के साथ चुदवा रही थी। मेरी चूत बहुत ही गर्म हो चुकी थी। उनका टाइट लंड मेरे को बहुत दर्द दे रहा था। मै भी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के साथ संभोग का सारा मजा ले रही थी। चुदाई में इतना आनंद मिलता है। मेरे को आज पता चल रहा था। भैया भी अपनी कमर मटका मटका कर हिलाते हुए मेरी चूत चुदाई कर रहे थे। एक ही पोजीशन में मेरे को उन्होंने 20 मिनट तक चोदा। वो थक कर धीरे धीरे चोदने लगे।

भैया ने कुछ देर तक मेरे को किस किया। उन्होंने थोड़ा रिलैक्स करके फिर से चोदने का मूड बना लिया। मेरे को कुतिया बना कर खड़ा होकर चोदने की पोजीशन बना दी। कुत्ते की तरह अपना लंड हिलाते हुए मेरी चूत में अपना लंड रगड़ कर घुसाने लगे। पूरा लंड घुसाकर मेरी चूत चोदने लगे। इस बार की चुदाई बहोत तेजी से करने लगे। पूरा कमरा मेरी चीख से भरा हुआ था। मैं भी जोर जोर से “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज निकाल कर चुदने लगी। मेरी चूत का उन्होंने भरता बना डाला। मेरी टाइट चूत ढीली हो गयी। मेरे को उनका मोटा लंड खाने में बहुत मजा आने लगा। हच… हच करके मेरी चूत को उसने मेरी चूत का कचरा कर दिया। मेरी चूत उसके लंड की रगड़ ज्यादा देर तक बर्दाश्त न कर सकी।

बार बार झड़ कर मेरी चूत गीली हो गयी। वो भी अपनी गाड़ी उस गीली चूत में ही चलाये रहा। मै बहुत ही थक गयी थी। मै “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की आवाज के साथ चुद रही थी। भैया भी ज्यादा देर नहीं टिक सकते थे। वो भी झड़ने वाले हो गए। मेरी चूत से अपना लंड निकाल कर चूत के ऊपर सारा माल गिरा दिया। उसके बाद वो थक हारबकर मेरे ऊपर लेट गए। कुछ देर बाद मैंने माल को साफ़ किया। उसजे बाद उन्होंने कई बार चुदाई की।

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