टीचर भाभी के साथ पहली चुदाई

भाभी बाथरूम की तरफ जाने लगी. तभी एक छिपकली भाभी की तरफ गिर पड़ी। भाभी चिल्लाती हुई कमरे की तरफ भागी, मैं भी आवाज सुनकर भाभी की तरफ भागा. तभी भाभी मुझसे टकराई और हम दोनों नीचे गिर पड़े.
जब हम टकराये तो अनजाने में भाभी के बूब्स मुझसे दब गए थे, मुझे बहुत अच्छा लगा.

अब भाभी बोली- छिपकली … छिपकली …
मैंने कहा- क्या भाभी? डरा दिया बिना फालतू में!
फिर मैं उठा और भाभी को भी उठाया।

फिर कुछ देर बाद भाभी मुझे पढ़ाने लगी। कुछ देर बाद हम लेट गए सोने के लिए भाभी बेड पर और मैं पलंग पर।
मुझे उस रात काफी देर से नींद आयी, मैं भाभी के बारे मैं सोचता रहा, ऐसा पहली बार नहीं हुआ था कि भाभी के बूब्स मुझसे टकराये हों लेकिन आज पहली बार मैं वही सोचे जा रहा था। दिल में अजीब सी हलचल थी।

अगले दिन स्कूल में भी मेरा मन नहीं लग रहा था, मैं बस भाभी के बारे में ही सोचता रहा.

दूसरी शाम भाभी मुझे पढ़ाने लगी, काफी देर तक एक सवाल समझाने के बाद भी मुझे समझ नहीं आ रहा था, तो भाभी गुस्से में बोली- तेरा ध्यान कहाँ है?
मैंने कहा- कहीं नहीं!
वो बोली- मुझे बता जो भी बात है?
मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं है, आज मन नहीं कर रहा पढ़ने का!
वो बोली- अच्छा कोई बात नहीं, टी.वी. देखते हैं.

मैं कुछ नहीं बोला तो वो बोली- तेरा ध्यान कहाँ है, कुछ हुआ है क्या, मुझे नहीं बताएगा?
मैंने कहा- भाभी, ऐसी कोई बात नहीं है आप टी.वी. चलाओ ना।
फिर हम दोनों टी.वी. देखने लगे.

कॉमेडी शो चल रहा था, भाभी हँस रही थी लेकिन मेरा दिमाग तो वही सब सोच रहा था। भाभी यह बात नोटिस कर रही थी और बोली- तू मुझे नहीं बतायेगा तो मैं तेरी मदद कैसे करूंगी।
भाभी ने टी.वी. बंद कर दिया, फिर मेरे दोनों हाथ अपने हाथों में लेकर बोली- बता क्या बात है?
मैंने हाथ हटाते हुए कहा- कुछ नहीं भाभी!
वो बोली- अच्छा ठीक है, मत बता, वैसे भी मैं तेरी लगती कौन हूँ बस बोलने के लिए बेस्ट फ्रेंड हूँ।
मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसी कोई बात नहीं है.

वो बोली- गर्लफ्रेंड से लड़ाई हो गई?
मैंने कहा- नहीं भाभी, आप भी ना!
वो रूठे स्वर में बोली- मुझसे बात मत करियो!

फिर मैंने कहा- अच्छा वादा करो कि आप गुस्सा नहीं करोगी और मुझे सब सच-सच बताओगी।
वो बोली- चल ठीक है वादा, मैं गुस्सा नहीं करूंगी और सब सच-सच बताऊँगी पूछ क्या पूछना है?
मैंने कहा- मुझे वो… मुझे वो… सब बताओ शुरू से, शुरू से सब कुछ बताओ।
वो बोली- क्या बताऊँ?
मैंने कहा- वो पीरियड, सेक्स के बारे में।

भाभी मना करने लगी लेकिन मैं जिद करने लगा, मैंने कहा- आपने वादा किया है.
तो वो बोली- ठीक है, लेकिन तू ये बात किसी को नहीं बताना, तुझे मेरी कसम।
मैंने कहा- आपकी कसम … किसी को नहीं बताऊँगा।

फिर भाभी ने मुझे सब बताया कि सेक्स कैसे होता है, पीरियड के बारे में और बच्चा कैसे पैदा होता है।

ये बातें सुनकर मेरा लण्ड खड़ा हो गया, मैंने कहा- मैं बाथरूम होकर आता हूँ।
मैं वापस आया तो भाभी बोली- इतनी देर हिलाने लग गया था क्या?
मैंने कहा- क्या मतलब भाभी?
वो बोली- अब इतना भोला भी मत बन, जैसे कुछ जानता ही ना हो।
मैंने कहा- भाभी, मैं सच में नहीं समझा।

भाभी बोली- अच्छा ज्यादा ड्रामे मत कर, मैं तुझे कल से देख रही हूँ, तू मेरे बूब्स घूर रहा है और कल शाम को छत पे मेरी ब्रा-पैंटी को भी छूकर देख रहा था।
मैंने कहा- सॉरी भाभी, वो स्कूल में बच्चे गन्दी बातें करते हैं लण्ड, चूत चुदाई तो मैंने सोचा कि …!
फिर मैं चुप हो गया।

भाभी जोर-जोर से हँसने लगी और बोली- अच्छा बता और कौन सी बात करते हो तुम स्कूल में?
फिर मैंने सब कुछ बताया।
वो बोली- अच्छा यह बता कि मैं तुझे कैसी लगती हूँ?
मैंने कहा- आप बहुत अच्छी हो!
इतना सुनकर भाभी ने मेरे होंठों पे चुम्बन किया, फिर बोली- तू किसी को बताएगा तो नहीं?
मैंने कहा- बिल्कुल भी नहीं भाभी!

फिर मैंने कहा- भाभी, आप बहुत सुन्दर हो.
वो बोली- तू क्या कम स्मार्ट है!
इतना कहकर भाभी ने मेरे होंठों पर एक और चुम्मा किया और फिर भाभी ने मेरी टीशर्ट उतार दी और पजामा उतारने का इशारा किया, तो मैंने पजामा भी उतार दिया।

इतने में भाभी ने भी अपनी कमीज उतार दी थी, अब वो ब्रा और सलवार में मेरे सामने खड़ी थी।
मैंने कहा- सो हॉट भाभी … ये आपके बूब्स तो बहुत मस्त हैं, मैं छूकर देखूँ?
वो बोली- बुद्धू … यह भी कोई पूछने की बात है।

मैंने भाभी के बूब्स दबाये और होंठों पर चुम्बन किया तो भाभी बोली- सुनीत … तू तो बड़े अच्छे से चुम्बन करना सीख गया है।

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