शिक्षक ने गांड चुदाई का सुख लेना सिखाया

दोस्तो, मेरा नाम रोहन है और काफ़ी टाइम से मैं सेक्स कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ. मुझे चुदाई की कहानी पढ़ने में बहुत मज़ा आता है. मेरी उम्र 20 साल की है, औसत दुबला सा शरीर है और मैं बाइसेक्सुअल हूँ. मतलब लड़की की चूत भी पसंद है और लड़कों की गांड और लंड भी!

बहुत सोचने के बाद आज मैंने कोशिश की कि आज अपनी पहली कहानी आप लोगों के सामने रखूँ.

यह बात उन दिनों की है, जब मैं 19 साल का हो चुका था, मेरा कलर फेयर और बॉडी स्लिम थी और आज भी है. मैं नया ही जवान हुआ था और अभी सेक्स के बारे भी में भी ज्यादा कोई जानकारी भी नहीं थी. उस वक़्त मैं 12 वीं क्लास में था. मेरे एक टीचर थे, जो मुझे गणित पढ़ाते थे. उनकी उम्र लगभग 30 साल की थी. देखने में वो फिट और अच्छे कसरती शरीर वाले थे.

मुझे उस टाइम पर कोई गे सेक्स का आइडिया नहीं था कि ऐसा भी कुछ होता है.

मेरे सर की निगाहें हमेशा मेरे ऊपर रहती थीं, वो कैसे भी मेरी गांड पाना चाहते थे. इसलिए हमेशा मेरे आस पास ही ज्यादा मंडराते रहते थे. सर मुझसे बातें करते, मुझे एग्जाम में अच्छे नंबर्स देते थे.

धीरे धीरे वो मेरे पास और नज़दीक आने लगे.. कभी मेरे गाल पकड़ लेते, कभी मेरी गांड पर हाथ मार देते, कभी मेरी जांघों पर हाथ मार देते. फिर उन्होंने एक दिन मुझे कहा कि एक्सट्रा क्लासेस के लिए मैं उनके घर पर आकर पढ़ सकता हूँ. वो मुझे पढ़ा देंगे.
मैंने भी हां कर दी.

अब मैं उनके घर एक्सट्रा क्लास लेने के लिए जाने लगा. उनके घर में हम दोनों एक ही सोफे पर बैठ कर पढ़ाई करते थे. वो हमेशा मुझसे चिपक कर बैठते थे और अपना हाथ मेरी पीठ पर रख कर सहलाते रहते थे. मुझे भी अच्छा लगता था तो मैं कुछ नहीं कहता था.

एक दिन मैंने उनसे पानी पीने की लिए माँगा तो वो पानी ग्लास में लेकर आए और जानबूझ कर मेरे ऊपर पानी गिरा दिया. मेरी शर्ट भीग गई.
फिर उन्होंने कहा कि मैं अपनी शर्ट को सूखने डाल दूं. पर मैंने मना कर दिया. सर के ज्यादा बोलने पर मैं मान गया और मैंने अपनी शर्ट उतार दी.

मेरी शर्ट उतारने के बाद उनकी में आंखों में चमक आ गई. मेरी फेयर और स्लिम बॉडी देखकर.. सर एकदम मस्ती में आ गए, तब मेरी बॉडी पर बाल भी नहीं थे.

हम फिर पढ़ने के लिए बैठ गए, उन्होंने धीरे धीरे बांह पर अपना हाथ फेरा और अब वो मेरी बॉडी सहलाने लगे. मुझे अच्छा भी लग रहा था. पर मैं उनसे कह नहीं पा रहा था. काफ़ी देर सहलाने के बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे अच्छा लग रहा है क्या?
मैंने हां में अपना सिर हिला दिया. उससे उनकी हिम्मत और बढ़ गई.
फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैंने कभी किसी से प्यार किया है?
तो मैंने ना में सिर हिला दिया.

फिर उन्होंने मेरे गाल पकड़ कर उस पर किस कर दिया. मैं बस हल्के से मुस्कुरा दिया. उससे उन्हें और हिम्मत मिल गई. फिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ को किया और बोले कि मुझे तुम बहुत अच्छा लगते हो और मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ.
मुझे लगा कि वो मुझे बस किस करेंगे, तो मैंने भी हां कर दी.
फिर वो बोले कि चलो रूम में चलते हैं.

हम दोनों बेडरूम में चले गए. उन्होंने कहा- तुम बेड पर लेट जाओ.
मैं बिस्तर पर आ गया. वो भी अपनी टी-शर्ट उतार कर बेड पर आ गए. मुझे अब भी सिर्फ चूमाचाटी का ही अंदाजा था. मैंने उनसे कहा- सर प्लीज़ लाइट बंद कर दीजिए.. मुझे शरम आएगी.
तो वो बोले- जलने दो.. यही तो मज़ा है. पर अगर तुम चाहो तो अपनी आंखें बंद कर लो.
मैंने कहा- ओके..
मैं अपनी आंखें बंद करके लेट गया.

फिर सर मेरे ऊपर आए.. मुझे प्यार से मेरे गालों पर किस करने लगे. मेरे होंठों को चूमने लगे.. और उन्हें चूसने लगे. बीच बीच में मुझसे पूछ रहे थे कि मुझे कैसा लग रहा है, तो मैं बस हां में अपना सिर हिला देता.

काफ़ी देर मेरे चेहरे को प्यार करने के बाद में वो मेरी गर्दन पर किस करने लगे. इससे मेरी सांसें और तेज़ हो गईं.. और मुझे मज़ा भी आ रहा था. उसके बाद वो मेरे पेट पर, मेरी कमर पर किस करने लगे. प्यार से काटने लगे. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मेरे मुँह से ‘आहहहह.. ऊह्ह..’ की आवाजें निकल रही थीं. उससे उन्हें और जोश आ रहा था, उन्होंने मुझे कहा- तुम उल्टा लेट जाओ.

मैं औंधा हो गया. अब वो मेरी पीठ पर किस करने लगे.. चाटने लगे. मेरी पूरी पीठ.. पूरी कमर तक खूब चूम रहे थे. इससे मेरी सांसें बहुत तेज़ हो गई थीं. मेरे मुँह से ‘आहह.. अहह..’ की आवाजें निकल रही थीं, मुझे बहुत मजा आ रहा था.

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