टीचर सेक्स स्टोरी: मैडम की चुदाई

एक रोज मैडम ने मुझे अपने घर खाने पर बुलाया। मैं समझ गया कि आज तो कुछ होने वाला है इसलिए मैं भी पूरी तैयारी के साथ 2 डिब्बी कंडोम का खरीद कर साथ में लेकर गया। रात को करीब 9 बजे मैं शोभा मैडम के घर पहुँचा। घर के बाहर लगी डोर बेल बजाने पर मैडम घर के बाहर निकली। मैडम के हुस्न को देख कर मैं तो एकदम पागल हो गया। मेरा मन हो रहा था कि उसी समय मैडम को पेल दूँ। उन्‍होंने उस समय ब्लैक कलर की नेट वाली नाइटी पहनी थी। मैडम कपड़ों में एकदम हीरोइन लग रही थीं।

मैडम ने मुझे घर के अन्‍दर बुलाया। मैडम के पीछे पीछे उनके घर के अंदर मैं ऐसे जा रहा था जैसे मैं मैडम को कोई बहुत खास मेहमान हूँ।

थोड़ी देर बात करने के बाद अंदर डाइनिंग टेबल पर हम खाना खाने बैठे। वो मेरे लिए मटन बनाई थी। मैंने पहले मैडम को खिलाया। हम दोनों ने साथ मे ही खाना खाया। उसके बाद हम कुछ देर टीवी देखने लगे। उसके बाद मैडम मुझे अपने बेडरूम में ले गयीं। उनका बेड रूम बहुत आलीशान था।

मुझे बेड रूम में बिठा मैडम ने कहा- तुम यहीं बैठो, फिर वो मुझे कही बैठो, मैं 10 मिनट में नहा कर आती हूँ।
मैंने कहा- ठीक है।

मैडम के बेडरूम में दस मिनट मैंने टीवी का चैनल बदलते हुए बिताये। दस मिनट बाद मैडम जब बेडरूम में वापस आयी तो वे केवल तौलिये में थी। मैडम को देख कर मेरे तो होश ही उड़ गये। वो मुझे देख कर मुस्‍कुराई और अपने बेड पर उन्‍होंने मुझे बुलाया।

बेड पर जाते ही मैं खुद को रोक नहीं सका और मैडम को ताबड़तोड़ किस करना शुरू किया। करीब 10 मिनट तक लगातार किसिंग के बाद वह एक एक कर मेरे कपड़े उतारने लगी। मेरे बदन पर सिर्फ अण्‍डरवियर रह गया था।

मैंने मैडम के दोनों बूब्‍स दबाना और पीना शुरू कर दिया। बारी बारी मैडम के दोनों बूब्‍स को मैंने खूब चूसा।

उसके बाद मैं नीचे आ गया।
मैंने जब मैडम की चूत से तौलिया हटाया तो अंदर का नजारा देख कर एकदम दंग रह गया। मैंने मैडम की चूत को हाथ लगाया। मैडम ने आज ही चूत साफ की थी इसलिए मैडम की चूत एकदम चिकनी लग रही थी।
गुलाबी पंखुड़ी जैसी एकदम मस्‍त चूत देख कर मैंने देर न करते हुए सीधे उनकी चूत में अपना मुँह डाल कर चाटना शुरू किया।

शोभा मैडम के मुँह से अजीब अजीब सी आवाज निकल रही थी.. आ आह उई मर गई…
इससे मेरा जोश दुगुना होता जा रहा था।

फिर उसके बाद हम दोनों 69 पोजीशन में आ गये। मेरा लम्‍बा और मोटा लण्‍ड मैडम के मुँह में था और मैडम की चूत में मेरी जीभ हलचल मचा रही थी। मैडम पूरा मजा ले रही थी। उसके बाद हम दोनों अलग हुए।

मैं देर न करते हुए अपने लंड पे कंडोम लगा कर मैडम की चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा। वे एकदम तड़प रही थी, मैडम कह रही थी- जल्दी से पेलो, अब बर्दाश्त नहीं होता है।
मैंने एक धक्‍के के साथ मैडम की चूत में अपना आधा लंड पेल दिया। वो दर्द से एकदम चिल्ला उठी, मैडम कहने लगी- रोहित अपना लंड निकालो।

मगर मैं रुका नहीं। मैंने धीरे धीरे धक्‍का लगाना चालू रखा। फिर अचानक एक जोरदार धक्‍के के साथ मैंने अपना पूरा लंड मैडम की चूत में डाल दिया। इस बार वो बर्दाश्‍त के बाहर एकदम दर्द से चिल्ला रही थी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… रोहित, अपना लंड निकालो! तुम्‍हारा लंड बहुत बड़ा है। आज तक इतना बड़ा मैं नहीं ली हूँ।

मगर मैं रुका नहीं और चूत में धक्का लगाता ही रहा। वो आह आह… उईईईईई मर गई आह आह करती रही और तरह तरह की आवाज निकालती रही। कुछ देर बाद जब उसको मजा आने लगा तो वो भी अपनी गांड उठा उठा कर साथ देने लगी।

कुछ मिनट के बाद जब मुझे लगा कि मेरा निकलने वाला है तो मैंने मैडम से पूछा- कहाँ निकालूँ?
तो वो बोली- मेरे मुँह में!
मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल कर उंसके मुँह में पेल दिया। दो चार धक्‍का लगाने के बाद मेरा गर्म गर्म माल उसके मुँह में भर गया। वो मेरा पूरा माल गटक गयी।

फिर हम बेड पे पड़े रहे। करीब 20 मिनट बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैडम ने मेरे लंड में हरकत देखते ही उसके अपने मुँह में ले लिया। मैं सोच रहा था कि मैडम की चूत इतनी मस्त है तो गांड कैसी होगी। मैंने सोचा कि मैडम की गांड का भी मज़ा चखा जाये।
मैंने मैडम से कहा- मुझे आपकी गांड मारनी है।
तो उन्होंने मुझे मना कर दिया, बोली- मैं आज तक किसी से मरवाई नहीं हूँ। बहुत दर्द होता है। मैं नहीं दे सकती।

मैंने जब ज्‍यादा जिद की तो वो मान गयी। मैंने उसको घोड़ी बनने को कहा, वो घोड़ी बन गयी। मैंने वहीं पास में रखी क्रीम उसकी गांड में खूब सारी लगा ड़ी और अपने लंड पर भी चुपड़ ली।
फिर मैंने अपने लंड का सुपारा मैडम की गांड के छेद पर लगाया पर मेरा लंड अंदर नहीं जा रहा था। वो उधर खूब चिल्ला रही थी।

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