तीन मर्द और मां की चुदाई

हाय दोस्तो, हम निशा और विराट एक बार फिर से आप लोगों के लिए माँ की चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हैं. आप हमेशा हमें मेल कीजिएगा और अपने कमेंट्स भेजिए. आप हमें अपनी फंतासी भी बताइएगा कि आप क्या चाहते हैं. मेरी कहानी के लिए आपके कामुक विचारों का स्वागत है.

मेरी पिछली कहानी
मॉम को चोदने की चाहत-2
में मैं निशा अपनी मसाज करवा रही थी. उसी मसाज पार्लर वाली से तैयार होकर मैंने अपनी चूत साफ करवा ली और रेडी हो गई. नामित मेरे लिए कपड़े रख कर गया था. मैंने देखा कि उन कपड़ों में एक छोटी से मिनी स्कर्ट थी. मैंने वो मिनी स्कर्ट पहनी. अन्दर रेड कलर की बिकिनी और ऊपर से एक टॉप पहन लिया था. ये एकदम टाइट कपड़े थे, जो मेरे जिस्म से एकदम चिपके हुए थे. मैं इन कपड़ों में एक हसीन लौंडिया सी लगने लगी थी.

उस मसाज वाली ने मेरा मेकअप किया और वो चली गयी. मुझे कुछ प्यास सी लगी थी, तो फ्रिज खोला और उसमें से एक बियर का कैन लेकर पीने लगी.

बियर कुछ ज्यादा ही तेज थी, जिससे मुझे मजा आने लगा और इस वक्त न जाने क्यों मुझे चुदास सी चढ़ने लगी थी. शायद इस बियर में कुछ स्पेशल था या जो दवाई नेहा(मेरे बेटे विरत के दोस्त नामित की माँ) ने मुझे जाते समय दी थी, शायद ये उसका ही असर था.

मैं अपनी स्कर्ट उठा कर चूत पर हाथ फेरने लगी. इधर घर में नामित भी नहीं था. मैं इस वक्त बिल्कुल अकेली गर्म हुए जा रही थी.

तभी 7 बजे शाम को दरवाजे की बेल बजी तो मैंने दरवाजा खोला. सामने एक 6 फीट का एकदम काला आदमी खड़ा था, जो लगभग 45 साल का था. उसके शरीर का हर भाग एकदम किसी पहलवान जैसा कठोर और कसा हुआ था. उसने शर्ट पैन्ट पहना हुआ था. वो मुझे ऊपर से नीचे तक घूरे जा रहा था.

मैंने उससे पूछा- कौन चाहिए … क्या काम है?
उसने थोड़ी अलग ही भाषा में टूटी फूटी हिंदी में बोला- मुझे नामित ने बुलाया है.
उसने बस इतना कहा और मेरे उत्तर का इन्तजार किये बिना घर में अन्दर घुस आया.

मैं अभी उसे बोल ही रही थी कि नामित यहां नहीं है लेकिन वो अपने लंड पर हाथ फेरता हुआ सोफे पर बैठ गया और मुझे घूरने लगा. मैं भी अन्दर से गर्म तो थी ही, एक तो नेहा ने दवाई जो पिलाई हुई थी. ऊपर से पार्लर वाली ने मालिश करके और मेरी चूत साफ करके मुझे और भी गर्म कर दिया साथ ही बियर का नशा भी मुझे मदमस्त किये जा रहा था.

वो आदमी लगातार मेरे मम्मों को घूर रहा था. चुस्त बिकिनी और टाइट टॉप की वजह से मेरे बूब्स और उछाल मार रहे थे. मैंने उसकी पैन्ट में लंड के पास देखा, तो उधर मुझे लगभग 9 से 10 इंच का कड़ा लंड का उभार नज़र आ रहा था. शायद उसने अन्दर कुछ नहीं पहना था, ऐसा साफ़ दिख रहा था.

मैं उसकी तरफ देखती रही, तो उसने अपने लंड को सहलाते हुए पूछा- तुम्हारा नाम क्या है?
मैं अचकचा कर बोली- निशा … और तुम्हारा?
तो उसने बोला- मेरा नाम डेविड है और मैं नामित का बॉस हूँ. मैं अफ्रीकन हूँ.
मैंने उसकी बात सुनकर ओके बोला.
डेविड बोला- जाओ जाकर फ्रिज ने वाइन की बोतल रखी है, वो ले आओ, जब तक मैं गिलास लाता हूँ. आज मैंने नामित को थोड़ा काम के लिए भेजा है, तो उसने मुझे बताया कि तुम घर पर अकेली हो, इसलिए उसने मुझे इधर भेजा है.

मैं उसकी बात सुनकर अन्दर जाकर फ्रिज से वाईन लेकर आ गई. जब तक उसने गिलास लगा लिए थे और टीवी भी चालू करके देख रहा था.
वो मुझसे बोला- आओ मेरे बगल में बैठो.
मैं उसके बाजू में बैठ गई. उसने खुद दो गिलासों में वाइन डाली और मुझे भी एक गिलास थमा दिया. मुझे थोड़ा नशा तो पहले से ही था, अब उसके साथ और चढ़ रहा था.

तभी उसने टीवी में पोर्न चालू कर दिया और देखने लगा. साथ ही उसने अपनी पैन्ट की ज़िप भी खोल दी और लंड को सहलाने लगा. उसका लंड पूरा काला बैगन की तरह बहुत मोटा और तगड़ा था. मुझे भी टीवी पर पोर्न देख कर अब चूत में आग जलनी शुरू हो गयी थी.

तभी उसने मुझसे आंख मारते हुए कहा- ले आ जा … चूस ले इसे!
मैंने उसकी बात नहीं मानी और ना बोल दिया.
उसने लंड को हिलाते हुए कहा- तुम बहुत सुंदर हो और सेक्सी भी हो. मुझे तुम जैसी संस्कारी औरत और इंडियन चूत चोदना बहुत पसंद है. मैंने नामित से तेरे लिए बात की है. तभी तो नामित ने मुझे बताया है कि उसने कैसे तुझे चोद डाला है.
मैं उसकी बात सुनकर गर्म हुए जा रही थी.

उसने आगे बोला- मुझे पता है कि तुमने अब तक सिर्फ अपने पति से और नामित से ही चुदाई करवाई है. मैं आज तुमको चोदने के लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ. तुम जो बोलोगी, मैं वो करूँगा.
मैं सिर्फ उसको सुन रही थी और अपनी वाइन का मजा ले रही थी.

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