ट्रेन मे बीवी पुराने यार से चुदी

ही दोस्तों मेरा नाम (नाम चेंज्ड) आकाश है और मैं दिल्ली में रहता हूँ. आज मैं आपको एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ जो मेरी ज़िन्दगी में हुई.

ये कहानी मेरी बीवी प्रिय के बारे में है. के कैसे वो ट्रैन के फर्स्ट क्लास कम्पार्टमेंट में एक फोरेनर जिसका नाम आदम है.

उसके गोर लुंड से पूरी नंगी होक छुड़ाकर की तरह चूड़ी. और फिर आदम और उसके एक दोस्त से भी चुदाई के मज़े लिए.पहले मैं आपको मेरी बीवी प्रिय के बारे में बताता हूँ. प्रिय एक बोहोत ही सूंदर लड़की है.

उसके चुके बोहोत ही बड़े और दूध से गोर है. कमर पतली और प्रिय की गांड ज़बरदस्त है बड़ी.प्रिय की ह हाइट ५’४ है लम्बे बाल जो उसकी गांड से भी नीचे तक जाते है. प्रिय की छूट दुनिया की सबसे सूंदर छूट है. गुलाबी छूट उसपर थोड़े थोड़े बाल.प्रिय को हर लड़का आँखों से छोड़ता है. उसको भी ये पता है और वो इसके खूब मज़े लेती है. और लड़को को चिढ़ाने के लिए बोहोत छोटे कपडे पहनती है. जिसमे उसका गोरा बदन दिखे.वो बोहोत छोटी स्कर्ट्स पहनती है जो उसकी गांड से बस थोड़ी निचे तक होती है.

और उसके निचे कच्छी भी नहीं पहनती. अब आप समझ सकते हो के वो कितनी गरम लगती होगी और लड़को की क्या हालत होती होगी.पता नहीं कितने लड़को ने प्रिय की छूट देख कर मुठ मरी होगी. चलिए अब अपनी कहानी पर चलते है.ये बात दो साल पहले की है हमारी शादी को कुछ साल हो चुके थे. और हम छुटियो पर प्रिय के होमटाउन उसके घरवालों से मिलने जा रहे थे.हमने पहले से ही ट्रैन की रिजर्वेशन कर राखी थी और वो भी राजधानी ट्रैन थी. तो हमने सोचा सफर बढ़िया होगा.

पर प्रिय ने बोहोत ज़ादा ही लगेज ले लिया था. क्योंकि हम काफी दिनों बाद जा रहे थे तो काफी गिफ्ट्स भी थे.हम प्लेटफार्म पर खड़े थे कुली के साथ और ट्रैन का इंतज़ार कर रहे थे. तभी किसी ने पीछे से प्रिय की आँखों को बंद कर दिया. मैं और प्रिय दोनों चौक गए.मैंने पीछे देखा तो एक फोरेनर लड़का जो हिंदी बोल सकता था. एक दम से थोड़े अजीब एक्सेंट में बोलै पहचानो कौन? मैं कुछ बोलता उससे पहले प्रिय बोली आदम.प्रिय ने मेरी तरफ देखा और मुझे आदम से इंट्रोडस करवाया और बोली ये आदम है सिक्किम वाला. प्रिय आदम से पहली बार सिक्किम में मिली थी एक बिसनेस ट्रिप पर.मैं आदम से हाथ मिलाया और थोड़ी बातें करि.

मैं बातें करते हुए नोटिस करा आदम बस प्रिय को घूरे जा रहा था. बल्कि बस आदम नहीं हर आदमी बस प्रिय को घूर रहे थे.क्योंकि प्रिय ने आज कुछ एक्सपोसिंग कपडे पहने थे. उसने एक क्रॉप टॉप पहना था जो बस उसके चुचो को न के बराबर कवर करा था. उसके आधे चुके दिख रहे थे और जब भी वो झुकती तो पूरे चुके दीखते. और निचे उसके छोटी सी स्कर्ट बिना कच्छी के क्योंकि प्रिय कच्छी पहना पसंद नहीं करती.मैं आपको बताना चाहता हूँ की मैं और प्रिय एक दुसरे के साथ बोहोत ओपन है. खासकर प्रिय बोहोत खुले खयालो की लड़की है. और उसको छोड़ना बोहोत पसंद है.हमारी सेक्स लाइफ बोहोत ज़बरदस्त है.

प्रिय को हर वक़्त छोड़ना पसंद है. हम दोनों बोहोत कुछ तरय कर चुके है रोलप्ले आउटडोर सेक्स ेट्स. हम दोनों बोहोत बार प्रिय की किसी फोरेनर से चुदाई का रोलप्ले कर चुके है. और मेरी ये फनटस्य भी है की मैं प्रिय को किसी फोरेनर से चुड़ते हुए देखु.जब मैं आदम से मिला तो मुझे याद आया की प्रिय ने बताया था के वो आदम से कैसे मिली और कैसे उनकी दोस्ती हुयी. मैंने बोहोत बार प्रिय को आदम से चुड़ते हुए सोच कर मुठ मरी है.और रोलप्ले भी किया है जिसमे मैं आदम बन कर प्रिय को छोड़ता हूँ और प्रिय बोहोत गीली हो जाती थी और पानी छोरती थी.

मुझे हमेशा लगता है के प्रिय आदम से चुद चुकी है. चलो अब अपनी कहानी पर.तो आदम बस प्रिय को घूरे जा रहा था. और मैंने देखा आदम का लुंड खड़ा हो गया. ये देखकर मेरा लुंड भी खड़ा हो गया. के वो मैं ही मैं में प्रिय को छोड़ रहा है.हम तीनो बातें ही कर रहे थे इतने में ट्रैन आ गयी हम अपना सामान देखने लगे. आदम ने हमसे पूछा हम कौनसे कोच में है. तो मैंने बताया ा१ और प्रिय ने आदम से पूछा के वो कौनसे कोच में है तो उसने बताया टियर १.हमारा टियर २ था और बिलकुल उसके कोच के पीछे वाला कोच हमारा था.

तो उसने हमारी हेल्प करि थोड़ा सामान उठाने में. और हम अपने कोच में चढ़ गए और कुली को पैसे देके भेज दिया और सामान सेट करने लगे.आदम भी बोलै के वो अपना सामान रख के आता है. हमारे पास सामान इतना ज़ादा था की हमको कुछ सामान सीट पर रखना पड़ा. और हमारे साइड बर्थ थे तो एक बर्थ पूरा सामान से भर गया.मुझे और प्रिय को एक बिरथ पर एडजस्ट करना पड़ा. थोड़ी देर बाद आदम आया और हास्के बोलै ये क्या एक बिरथ तो बेकार हो गया आराम कैसे करोगे?

हम भी हास्के बोले क्या कर सकते है.आदम ने मुझे बोलै के अगर हमको परेशानी न हो तो हम उसके कम्पार्टमेंट में undefined हो जाए. वहां सारा सामान भी आ जायेगा और मुश्किल भी नहीं होगी.मैंने बोलै नहीं तुमको परेशानी होगी क्योंकि उसके साथ और भी एक दोस्त था. तो उसने बोलै नहीं कोई प्रॉब्लम नहीं होगी. उसने कहा उसका दोस्त अलग कम्पार्टमेंट में है और आदम अपने कम्पार्टमेंट में अकेला है.मैं आपको बता दूँ टियर १ में कम्पार्टमेंट होते है. मतलब एक कमरे जैसे उसमे ४ बर्थ होते है और पूरा बंद होता है. उसमे साइड बिरथ नहीं होते और सब कम्पार्टमेंट में दरवाज़े होते है और परदे भी.तो मैंने प्रिय की तरफ देखा और हाँ कर दिया.

क्योंकि उस बिरथ पर सफर करना मुश्किल था. फिर मैंने और आदम ने धीरे धीरे सारा सामान undefined कर दिया. और आदम के कम्पार्टमेंट में चले गए.हम वहां बैठकर बातें करने लगे. आदम प्रिय को आँखों से छोड़ रहा था. पर प्रिय ने अभी एक शाल दाल रखा था और पैरों पर चादर थी. तो कुछ भी नहीं दिख रहा था.थोड़ी देर में तक (टिकट चेकर) आया और टिकट चेक करने लगा. जब उसने हमारी टिकट देखि तो उसने बोलै आपकी टिकट टियर २ की है. आपको वहां जाना होगा.तो मैंने और आदम ने तक को पूरी बात समझायी तो वो समझ गया. तक ने बोलै आप उसको कुछ पैसे देने पड़ेंगे हमको जोकि बेस फेयर था. तो मैंने तक को बोलै के वो हमारे बिरथ किसी और को दे दे और उसके बदले पैसे ले ले.आदम अंदर चला गया था अब रात हो गयी थी.

तो तक मुझे बोलै के आप अपने कोच के तक से जाके बात करलो. मैडम को यहीं रहने दो और जल्दी करना. क्यों की टियर १ रात को ११ भजे बंद हो जाता है और किसीको एंट्री नहीं होती.मैंने तक को पैसे दिए प्रिय और आदम को बता के टियर २ के अपने कोच में चला गया. अब प्रिय और आदम कम्पार्टमेंट में अकेले थे. ये सोच कर मेरा लुंड खड़ा होने लगा.मैं तक का इंतज़ार कर रहा था. तक काफी देर से आया लग भाग ११ बजने वाले थे. मैंने तक से बात करि उसको सब समझाया और मुझे एक रसीद काट कर दे दी. ऊपर कुछ अमाउंट लिखा और बोलै ये टियर १ तक को दिखा देना और रसीद का अमाउंट ले लेना.मैं फटा फैट टियर १ की तरफ भगा ११ बजने ही वाले थे. मैं जैसे ही वह पोहोचा और सांस ली तभी एक अटेंडेंट मुझे बोलै सर ये टियर १ है.

मैंने उसको रसीद दिखाई और उसने ोकय बोल के दूर बंद कर दिया.जब वो दूर लॉक कर रहा था तभी मुझे एक आईडिया आया. मेरे दिमाग में ये ख्याल आ रहे थे के वो दोनों क्या कर रहे होंगे. मैंने अपना फ़ोन निकला और प्रिय को कॉल करके बोलै के मैं सुबह ही आ पाउँगा.प्रिय एक दम से चौक गयी और पूछने लगी क्यों? तो मैंने बहाना बना दिया के मुझे देर हो गयी और दूर लॉक हो गया. अब सुबह आ पाउँगा.मैंने बोलै डॉन’टी वोर्री तुम आराम करो खाना खा लो मैं तक से बात करता हूँ. मैंने ५ मं बाद कॉल किया और बोलै के तक ने कहा है ३ घंटे बाद खोलेंगे जब नेक्स्ट स्टेशन आएगा.

प्रिय ने हलके से ोकय बोलै और टेक केयर कहके मैंने कॉल कर दिया.अब छुप कर आदम के कम्पार्टमेंट की तरफ गया और दरवाज़े के पास खड़ा होक अंदर छुपकर देखने लगा. थोड़ा सा पर्दा हटा हुआ था और मैं अंदर देखने लगा लाइट ऑफ थी. पर नाईट लैंप और बहार की लाइट से साफ़ दिख रहा था.जब मैं गया था तब प्रिय ने शाल और चादर से खुद को कवर कर रखा था. पर अब प्रिय ने शाल और चादर हटा दी थी और एक छुड़ाकर की तरह बैठी थी.फिर थोड़ी देर बाद प्रिय लेट गयी जिससे उसके चुके और भी बहार आ गए और उसकी स्कर्ट पूरी ऊपर हो गयी. प्रिय आदम को जान बूझकर अपनी छूट दिखा रही थी.ये देखकर मेरा लुंड खड़ा हो गया.

अब आगे उनके बीच में कैसे बातें हुयी और क्या हुआ सुनिए-

प्रिय: और आदम बताओ क्या किया इतने दिन?

आदम: कुछ नहीं बस ऐसे ही बिज़नेस.प्रिय: अच्छा बिज़नेस सिक्किम की तरह?आदम: हे हे नहीं यार सिक्किम की तरह कहाँ तुम जो नहीं थी. तुम होती तो होता.

प्रिय: अच्छा मैं होती तो क्या होता?

आदम: बोहोत कुछ होता.

प्रिय: बोहोत क्या?

आदम: कैसे बोलू…प्रिय: बोलो सिक्किम में तो बोहोत बोल रहे थे. और तुमको पता है मुझे गंदे लड़के पसंद है जो बोहोत गन्दी बातें करते हो.

आदम: अच्छा.

प्रिय: हाँ.आदम: ोकय. तो ये होता (आदम ने अपनी शॉर्ट्स उतारदी और नंगा हो गया. उसका गोरा लुंड एकदम खड़ा था और उसका टोपा एकदम पिंक था.)

प्रिय: यह क्या कर रहे हो आदम नंगे क्यों हो गए और ये तुम्हारा लुंड उफ्फ्फ्फ़ ये क्यों खड़ा है.

आदम: तुमको गंदे लड़के पसंद है तो गंदे लड़के यही करते तुम्हारी जैसी गरम माल को देख कर. काश तुम सिक्किम में चुद जाती उस दिन बस तुमने लुंड चूसा और छूट चटवायी.

प्रिय: उफ्फ्फ्फ़ ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्हह कैसी बातें कर रहे हो आदम. मैं शादी शुदा हूँ मैं चुद नहीं सकती तुमसे

.आदम: अच्छा छुड़ाकर तो फिर अपनी छूट क्यों दिखा रही हो मुझे?

प्रिय: ओह्ह्ह्हह्ह मेरी छूट दिख रही है मुझे तो पता ही नहीं.

आदम: अच्छा कितनी भोली बन रही है. सच बोल तुझे भी छोड़ना है.प्रिय: नहीं मुझे बस दिखने में मज़ा आता है.

आदम: प्रिय मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा मैं क्या करूँ?प्रिय: उफ्फ्फफ्फ्फ़ आदम तुम्हारा लुंड कितना गोरा है और टोपा कितना पिंक है. मैं क्या बताऊ…

आदम: प्रिय प्लीज छोड़ने दो मुझे.प्रिय: नाहीईई आदम.आदम: अच्छा तो लुंड चुसलो.

प्रिय: अह्ह्ह्हह्हह नहीं आदम.आदम: तो एक काम करो प्लीज पूरी नंगी हो जाओ मैं तुमको पूरी नंगी देख कर मुठ मार लूंगा.प्रिय: ओह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह क्या बोल रहे हो पूरी नंगी मतलब कोई भी कपडा नहीं. ऊऊऊऊ अह्हह्ह्ह्ह. ठीक है पर तुम मेरे पास नहीं आना ठीक है?

आदम: ठीक है.प्रिय: (प्रिय ने अपने सारे कपडे उतर दिए और पूरी नंगी हो गयी और छुड़ाकर की तरह बैठ गयी.) आआअह्ह्ह्ह लो हो गयी पूरी नंगी अब हिलाओ अपना लुंड मुझे देख कर.आदम: ऊऊऊह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह प्रिय प्लीज अपनी टाँगे पूरी चौड़ी करके खोलके बैठ मुझे छूट दिखाओ.

प्रिय: ऊऊऊह्ह्ह्ह आदम तुम कितने गंदे हो. मुझे कैसे गंदे पोज़ में बिठा रहे हो मुझे बोहोत शर्म आ रही है. उफ्फ्फफ्फ्फ़ आदम मेरी छूट दिख रही है पूरी नंगी मेरी प्यारी छूट.

आदम: ओह्ह्ह्हह्ह प्रिय मैंने तुमसे ज्यादा गरम छुड़ाकर नहीं देखि तेरी छूट भीग गयी है. तेरी छूट इतनी ज्यादा गीली कैसे हो गयी?प्रिय: ऊऊऊह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह पता नहीं.आदम: तेरी छूट को मेरा लुंड चाहिए.

प्रिय: ोूह आह ाः आदम तुम बोहोत गंदे हो कितनी गन्दी बातें करते हो. सिक्किम में भी मुझे बोले बस साथ में नहाएंगे. पर तुमने मेरे मुँह में अपना लुंड दाल दिया था.

आदम: अच्छा छुड़ाकर तुम भी तो मेरा लुंड चूसना चाहती थी. और तुम पूरी नंगी हो गयी आज भी उस दिन की तरह छुड़ाकर.

प्रिय: ओह्ह्ह्हह्ह वो तो तुमने देखे से मेरे मुँह में दाल दिया था. तुमने मुझसे भीक मांगी प्लीज मेरे लुंड को नीचे बैठ कर साफ़ कार्डो. और मैं जैसे ही तुम्हारे लुंड के पास बैठी तुमने मेरे मुँह में लुंड दाल दिया.आदम: हाँ पर तुमने भी तो उसको मेरे लुंड को चूस कर उसकी लेहेस निकल दी. और फिर मेरे मुँह पर बैठ कर अपनी छूट चटवायी और मुँह पर अपनी छूट का पानी झाड़ दिया.

प्रिय: ओह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह वो तो मैं बहक गयी थी मेरी छूट की भूक के नशे में.आदम: तो आज भी बहक जाओ. अच्छा बस मुझे एक बार छूट चाटने दो प्लीज ी बेग यू.प्रिय: ओह्ह्ह्हो आआह्ह्ह ऐसे मत बोलो. अच्छा ठीक है आओ चाट लो मेरी छूट पर बस छूट चाटना.आदम: वववववव यार थैंक्स.और फिर आदम प्रिय की छूट के पास आके बैठ गया.

और प्रिय ने टाँगे खोलके अपनी छूट आदम के मुँह के पास ले गयी. आदम एक पागल कुत्ते की तरह चाटने लगा और अपना लुंड हिलने लगा.यहाँ मैं ये सब देख कर अपना लुंड बहार निकल कर हिलने लगा. मैं हमेशा से प्रिय को ऐसे देखना चाहता था. प्रिय तो अपनी गांड उठा उठा कर अपनी छूट आदम से चटवा रही थी.

प्रिय चुदाई के नशे में मज़े ले रही थी. अचानक से मैंने कुछ आवाज़ सुनी तो मैं बाथरूम जेक छुप गया. वहां छुप कर देखने लगा.मैंने देखा आदम का दोस्त दूसरे कम्पार्टमेंट से निकला और आदम के कम्पार्टमेंट पर नॉक करने लगा. आदम ने दूर खोला और उसका दोस्त जिसका नाम ालें था अंदर चला गया. उसके अंदर जताए ही मैं फिरसे उनके दरवाज़े के बहार आके अंदर देखने लगा.आगे की कहानी अगले पार्ट में बताऊंगा की कैसे आदम और ालें दोनों ने मिल कर मेरी बीवी को छोड़ा. [email protected]