वो सुहानी शाम टर्बिया के साथ

हेलो एवेरिवन मेरा नाम अभिषेक है. मैं पटना का रहने वाला हूँ. मैं 20 साल का हूँ और मेरा लॅंड 7इंच का है. मैं आज आपको एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ जो मेरे साथ हुई है. तो अब मैं सीधा स्टोरी पे आता हूँ.

मेरी एक फ्रेंड है जिसका नाम तर्बिया एज 19 है. वो मेरी बचपन की फ्रेंड है. वो बहोत हैं सेक्सी है उसके मेसरमेंट है 36,24,36. वो ट्रैनिंग के लिए ओड़ीसा गई हुई थी. मैं वहाँ कुछ काम से गया था तो उससे मिलने चला गया. वो अकेली रहती थी तो उसके कहने पे मैं उसके घर पे ही रुक गया. सॅटर्डे को हम दोनो घूमने गये थे और शाम होते-होते लौट आए थे. वो सुहानी शाम थी, बारिश होने वाली थी. मैं और तर्बिआ बाल्कनी मे बाहों मे बाहें डाल के बैठे थे. तभी अचानक से बारिश शुरू हो गई. टर्बिआ उठ के जाने लगी पर मैने उसे बैठे रहने का इशारा किया उसने मना किया पर मान गई. अब हम दोनो बारिश मे भीग रहे थे फिर अचानक से हमारी नज़रे मिली और एक दूसरे पे ही टिकी रह गई. पता ही नही चला कब हम दोनो स्मूच करने लगे. पता नही हमने कितनी देर तक स्मूच किया पर जब हम रुके तो हाँफ रहे थे. फिर मैने उसके गले पे किस किया और फिर करता ही चला गया. मैं अपने हाथो को उसकी पीठ पर सहला रहा था और धीरे-धीरे से हाथ उसकी गांड तक पहुच गया.

गांड पे हाथ लगने पर उसका कोई रियाक्शन नही आया तब मैं समझ गया की अब आगे बढ़ सकते है. मैने उसकी बड़ी-बड़ी चुचियों को उसके कपड़ों पे से ही दबाने लगा. टर्बिआ को भी मज़ा आ रहा था पर वो बार-बार मना कर रही थी पर मैं नही रुका. मैने उसके टॉप को फाड़ दिया. अब उसकी तरबूज जैसी बड़ी-बड़ी चुचिया लटक रही थी जिसे देख कर मैं तो पागल सा ही हो गया और उसपे टूट पड़ा. उसने रोकना चाहा पर मैने एक ना सुनी. मैने उसके निप्पल को मूह मे लेके चूसना शुरू कर दिया. वो पागलों की तरह तड़पने लगी. उसके मूह से आहह अहह निकल गया. वो काफ़ी गरम हो चुकी थी धीरे धीरे मैं नीचे बढ़ता गया और उसके पेट पे से होते हुए उसकी नाभि को चूमने लगा. मैने जैसे ही उसकी स्कर्ट मे हाथ डाला उसने मुझे रोकने की कोशिश की पर मैं रुकने वाला कहा था. मैने उसकी स्कर्ट का साइड हुक खोल उसे नीचे कर दिया. उसने पिंक कलर की एक छोटी सी पैंटी पहन रखी थी. मैने पैंटी पे से ही उसकी चुत पे उंगली फेरना शुरू कर दिया. वो पागलों की तरह तड़पने लगी.

मानो पहली बार किसी ने उसकी चुत को छुआ था वो थोड़ी गीली भी हो चुकी थी. मैने धीरे-धीरे उसकी पैंटी भी उतार दी. उसकी चुत का हसीन नज़ारा मैं कभी नही भूल सकता. एकदम साफ गोरी और सॉफ्ट सी चुत थी उसकी, जिसपे हल्के-हल्के सुनहरे रंग के बाल थे. जब मैने उसे हाथ लगाया तो ऐसा लगा जैसे कोई नाज़ुक सा फूल हो. उसने मुझसे रिक्वेस्ट किया की मैं उसे ना छोड़ूं. मैं कुछ नही बोला और सीधे उसकी चुत पे टूट पड़ा और उसे चाटने लगा. वो सिसकिया लेने लगी और ज़ोर-ज़ोर से आयाअ चिल्लाने लगी. वो बार-बार मुझे रुकने के लिए कह रही थी. उसकी चुत की खुशबू लाजवाब थी. कुछ ही देर मे मैने एक उंगली उसकी चुत मे डाल दी. वो तड़प उठी उसकी आखों से आँसू आ गये. मैने उंगली निकाल दी. अब तक बारिश भी रुक गई थी. मैने तर्बिआ को गोदी मे उठाया और रूम मे ले आया, फिर मैने अपने सारे कपड़े उतार कर रख दिए. मेरे 8 इंच के खड़े लॅंड को देख वो घबरा गई. मैने उसे लॅंड चूसने को कहा तो उसने मना कर दिया पर मेरे बोहोत कहने पर उसने थोड़ी सी देर चूसा.

अब मैने अपने लॅंड के टोपे को उसकी चुत पे रगड़ना शुरू कर दिया, वो समझ गई की वो चुदने वाली है. उसने बोला की वो चुदाई नही करना चाहती है क्योकि अगर उसके घर वालों को पता चल गया तो वो उसे बहुत मारेंगे पर मैने उसे किसी तरह मना लिया. आज मुझे पहली बार किसी लड़की की कुवारि चुत का मज़ा मिलने जा रहा था. मैं बहुत ही एग्ज़ाइटेड था. फिर मैने धीरे-धीरे उसकी चुत मे अपने लॅंड का टोपा डाला. वो चिल्ला उठी उसकी आँख से आँसू आ गये और वो सेसस्स्सस्स करने लगी. मैने उसका मूह बंद किया और एक ज़ोर का झटका दिया और मेरा लॅंड उसकी चुत की सील तोड़ते हुए पूरा अंदर चला गया. टर्बिआ दर्द से रोने लगी, मैने उसे चुप कराया और समझाया के कुछ ही देर मे दर्द ख़तम हो जाएगा और फिर मज़ा आने लगेगा. कुछ देर वैसे ही रुकने के बाद मैने धक्के मारने शुरू किए. शुरू-शुरू में उसे बहुत दर्द हुआ फिर सब ठीक हो गया और वो मेरा साथ देने लगी. अब वो ज़ोर-ज़ोर से मोन कर रही थी और आअहह आहह ऊऊओ आआआः म्म्मह ऊवू आआआः आआआआअ ज़ोर से अम्म्म्मममममम

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