ये टमाटर क्या रेट दिए

हेलो फ्रेंड्स क्या हाल चल रहा है आपका. आई एम ह्द्सिन्ग. आपने मेरी स्टोरी टीचर’स वाइफ को बोहोत अछा रेस्पोन्से दिया .उसके लिए थॅंक यू. अब मैं अपनी दूसरी स्टोरी के बारे मे बताता हू. स्टोरी की हेरोयिन है सीमा जी. वो मेरे इक फ्रेंड की चाची है . दिखने मे एकदम माल. दिखने मे एक दम पॉर्न स्टार 36 26 36 .वो एकदम सेक्सी फिट कपड़े पहनती थी. वो हर वीक पार्लर जाया करती थी. एक दम ऐसे बन कर रहती थी की मानो आज ही किसी फिल्म की शूट पर जाना हो.उसके होट इक दम लाल जैसे गुलाब की पंखुड़िया. उसकी आँखे नशीली थी.और उसके बूब्स तो इक दम आदमियो के लंडो पर कहर. जब वो रोड पर चलती थी ना उसको देख कर अछो अछो का ईमान डोल जाता था.और पीछे से तो उसकी गॅंड तो मैं बया भी नही कर सकता .

हमने सुना था की वो इक नं की चुदक्कड है .उसका पति आसाम मे जॉब करता है और वो यहा अपने बच्चो के साथ रहती थी. मुझे अजय ने बताया की यार ये जो राजू की चाची है वो इक दम दूसरी टाइप की औरत है. मैने कहा नही यार तू भी हर बार उल्टी सीधी बाते करता रहता है.उसने कहा नही .उसने कहा की उसने सुना है की उसको अपने बूब्स पर बोहोत नाज़ है . मैने कहा यार तू भी हर बार गॅंड फड़वाने के काम करता है. वो बोला चलो आज आजमाते है.

मैं और अजय हर संडे ईव्निंग को उसके घर जाते थे .राजू और उसकी चाची का घर साथ साथ था . इस बार जब हम उसके घर गये तो वाहा इक वेजिटेबल्स बेचने वाला आया .सीमा जी भी वेजिटेबल्स लेने आई . अजय उसको उसकी तरफ देखकर बोला “यह टमाटर कैसे दिए” . सब्ज़ी वाला यह टमाटर नही खरबूज़ा है. अजय ” अछा यार पर इनका साइज़ कुछ ख़ास नही .तो इनमे मज़ा भी नही होगा” अजय की बात सुनकर सीमा जी ने इग्नोर किया उसको लगा की शायद वो उसको नही कह रहा. धीर धीरे हमने राजू के पास रोज़ जाना शुरू कर दिया और अजय उसके बूब्स के बारे मे कोई इनडाइरेक्ट कॉमेंट्स पास कर दिया करता .उसको भी धीरे धीरे अहसास होने लगा की यह मेरे बारे मे ही कह रहा है और वो मु बनाने लगी क्यूकी उसको लगता था की उसके बूब्स बड़े हैं सेक्सी है बट अजय हर बार उनको छोटा या फूसस इनडाइरेक्ट्ली कह देता था .और उसका पारा सातवे आसमान पर पहुच जाता था .अब हम जब भी जाते तो वो हमे घूर घूर कर देखने लगती. “टमाटर”

मैं अजय से कहता की यार रुक जा क्यू गॅंड मे डंडा करवाता है.वो बोलता गॅंड मे डंडा नही गॅंड दिल्वाउन्गा. इक दिन मैं राजू के घर कॉलेज से रिलेटेड काम के लिए गया तो देखा की उनके घर पर ताला लगा था .मुझे ज़रूरी असाइनमेंट सब्मिट करनी थी इसलिए राजू से मिलना ज़रूरी था . मैने सोचा की चाची से पूछा जाए की राजू कहा गया . मैने सीमा जी के घर की बेल मारी उसने दरवाजा खोला .उसने पंजाबी सूट पहन रखा था इक दम टाइट. उसके बूब्स इक दम सूट फाड़ने को तैयार थे. जी कर रहा था की उसको दबा दू . मेरा ध्यान उसके बूब्स पर था मैने जैसे ही उसके मूह की तरफ देखा उसका मूह गुस्से से लाल था. गुस्से से उसका मूह एकदम लाल हो गया था .वो सेक्सी नही डबल ट्रिपल सेक्सी लग रही थी. उसने मूज़े अंदर बुलाया और चिल्ला कर पूछा तुम यहा क्या कर रहे हो .मेरी तो इतनी फट गई की गॅंड के दो पीस हो गये.

मैने कहा की राजू से मिलने आया था वो घर पे नही हैं इसलिए आपसे पूछने आ गया. वो मुझे बोली मुझे पता है की तुम दोनो यहा क्या करने आते हो .तेरा वो दोस्त अजय क्या कहता है की मेरे बूब्स .मजेदार नही .मेरा तो रंग ही पीला पड़ता जा रहा था मैं सोच रहा था की अजय तूने कहा फसा दिया.आज तो पक्का ये गॅंड के 4 पीस कर के हे दम लेगी. मैने कहा नही जी ऐसी कोई बात नही आप को कुछ ग़लत लग रहा है .वो बोलो की मेरे फोर्हेड पर आइसा कुछ लिखा है जो मुझे नही दिखता और तुझे दिख रहा है.. उसका कहने का मतलब था की उसके माथे पर चूतिया लिखा है क्या. मेरे मु से हस्सी निकल गई उसने गुस्से मे मेरा हाथ पकड़ा और अपने बूब्स पर रख दिया .और बोली अब देख बेहेन्चोद कितने छोटे है और मजा है की नही .

मैं कसम से जन्नत मे पहुच गया उसके बूब्स इक दम पॉर्न स्तर लिसा एना की तरह बड़े और मज़ेदार थे .मैं उनको धीरे धीरे सहलाने लगा .मुझे मजा आ रहा था उसके बूब्स सॉफ्ट से टाइट होने लगे और सूट को फाड़ने को तैयार होने लगे. मैने सीमा जी के फेस की तरफ़ देखा वो एकदम मजे से लाल हो रही थी उसके होटो से लाली बहने को तैयार थी और लग रहा था की कह रही थी बस चूस लो.और मैने उसके रसीले होटो पर अपने होट रख दिए और चूसने लगा. इतना मजा कभी नही आया था वो भी मेरा साथ दे रही थी .हम दोनो इतने जुड़े हुए थे की हुमारे भीच से हवा भी क्रॉस नही कर सकती थी. हमने कुछ 10 मिनट तक किस की. जब मैने किस करना बंद किया तो उसके फेस की तरफ़ देखा तो वो एकदम अप्सरा लग रही थी. मेरा लंड सलामी दे रहा था. मैने कहा अब नही रुका जाता हमे भी अपनी जवानी के मजे दो कुछ बोहोत दिन हो गये आपको हमारी फॅंटेसी बनाते बनाते. वो हस कर बोली”अछा तो इसलिए मुझे दाना डाला जा रहा था आजा मेरे राजा मैं भी बोहोत दीनो से प्यासी हू ”

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